
अंबेडकरनगर। बीएन इंटर कॉलेज, अकबरपुर के पूर्व तदर्थ प्रधानाचार्य विपिन सिंह पर विद्यालय के खातों से 10,20,648 रुपये के गबन का गंभीर आरोप सामने आया है। प्रबंधक कृष्ण कुमार टंडन ने विपिन सिंह को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उक्त धनराशि तत्काल विद्यालय के खाते में जमा की जाए। प्रबंधक द्वारा 6 जनवरी और 12 जनवरी को दो बार पत्र जारी कर यह आदेश दिया गया।
जांच समिति की रिपोर्ट में दोषी पाए गए
इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के तहत गठित जांच समिति ने विपिन सिंह के खिलाफ मामले की विस्तृत जांच की। जांच में पाया गया कि तदर्थ प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत रहते हुए उन्होंने विद्यालय के विभिन्न खातों से गबन किया। जांच समिति ने रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उन्हें दोषी पाया। इसके बाद प्रबंधक ने कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन विपिन सिंह द्वारा संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।
प्रबंध समिति की अनुशंसाएँ और डीआईओएस का आदेश
प्रबंध समिति ने 11 मई 2024 को एक प्रस्ताव पारित कर विपिन सिंह की सेवा समाप्त करने की सिफारिश जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को भेजी। डीआईओएस ने 30 सितंबर 2024 को इस प्रस्ताव को संशोधित करते हुए केवल उनकी वेतन वृद्धि (वर्ष 2025-2026) को स्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया। डीआईओएस ने जांच रिपोर्ट में पुष्टि किए गए गबन के तथ्य पर कोई हस्तक्षेप नहीं किया, केवल प्रस्तावित दंड को कम किया।
गबन की धनराशि की वसूली और मुकदमा दर्ज
प्रबंध समिति ने गबन के संबंध में दो और महत्वपूर्ण निर्णय लिए। पहला, विपिन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना, जो पहले ही कार्यवाही के तहत किया जा चुका है। दूसरा, गबन की राशि ब्याज सहित विद्यालय के खाते में जमा करवाना। प्रबंधक ने दोनों बिंदुओं के अनुसार कार्रवाई करते हुए विपिन सिंह को पत्र जारी किए।








