- आगरा में टेरिटोरियल आर्मी भर्ती के नाम पर ठगी का भंडाफोड़
- STF ने दो होटलों से 24 युवाओं को किया बरामद
- जम्मू-कश्मीर से लाए गए थे युवा, 1-8 लाख तक वसूले
आगरा। टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले गैंग का खुलासा हुआ है। आर्मी इंटेलिजेंस लखनऊ यूनिट की सूचना पर एसटीएफ (STF) ने आगरा के दो होटलों में छापेमारी कर जम्मू-कश्मीर से लाए गए 24 युवाओं को पकड़ा, जिनसे भर्ती के नाम पर 1 से 8 लाख रुपये तक ऐंठे गए थे।
होटल में चल रही थी भर्ती की फर्जी प्रक्रिया
सूचना के मुताबिक, ठगों ने युवाओं को आगरा बुलाकर आईएसबीटी के पास स्थित एक होटल में ठहराया था। एसटीएफ ने जब छापा मारा, तो कुछ अभ्यर्थी वहां मौजूद मिले, जिन्होंने बताया कि बाकी साथी खेरिया एयरपोर्ट के पास दूसरे होटल में ठहरे हैं। वहां भी छापा मारकर कई युवाओं को बरामद किया गया।
जम्मू-कश्मीर से आए थे युवा, भर्ती के नाम पर 7-8 लाख की डील
पूछताछ में सांबा और कठुआ (जम्मू-कश्मीर) के रहने वाले युवाओं ने बताया कि उन्हें इंडियन टेरिटोरियल आर्मी में जनरल ड्यूटी के पद पर भर्ती कराने के नाम पर लाया गया था। उनसे 7 से 8 लाख रुपए की सौदेबाजी पहले ही हो चुकी थी।
मेडिकल और ज्वाइनिंग का लालच देकर फंसाया
गिरोह के सदस्यों सुनील कुमार (सांबा) और बलवंत सिंह (कठुआ) ने युवाओं को भर्ती का झांसा देकर आगरा बुलाया। अजय यादव (फिरोजाबाद) नामक व्यक्ति ने खुद को मेडिकल अधिकारी बताकर फर्जी मेडिकल प्रक्रिया शुरू कराई। मेडिकल के लिए शिकोहाबाद से एक फिजियोथैरेपिस्ट को भी बुलाया गया था।
फर्जी नोटिफिकेशन और नियुक्ति पत्र से फैलाया जाल
गिरोह का सरगना दीपक कुमार शर्मा, जो पठानकोट का रहने वाला है, युवाओं से लाखों रुपए ऐंठकर भर्ती की फर्जी प्रक्रिया चलवा रहा था। अभ्यर्थियों ने रकम दीपक के बैंक खाते में जमा कराई थी। किसी ने तीन लाख, तो किसी ने एक लाख रुपए दिए थे।
फर्जीवाड़े का तरीका
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गिरोह फर्जी भर्ती नोटिफिकेशन जारी करता था।
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युवाओं से ऑनलाइन आवेदन करवाता।
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फिर भर्ती की प्रक्रिया, मेडिकल और नियुक्ति के बहाने पैसे ऐंठता था।
STF ने गिरोह के सदस्यों को हिरासत में लेकर पूरी ठगी नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।








