गाजीपुर। गाजीपुर में 10वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा ने गहमर थाने में तैनात एक सिपाही पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने, अश्लील फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने और दूसरे लोगों के पास भेजने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रा का दावा है कि विरोध करने पर उसे और उसके परिजनों को धमकाया गया तथा शिकायत वापस लेने और बयान बदलने का दबाव बनाया गया। उसने वीडियो जारी कर पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
छात्रा के मुताबिक, उसने 5 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक से मिलकर शिकायत दी थी। कार्रवाई नहीं होने पर वह जमानिया के सीओ के पास पहुंची, जहां उसका बयान दर्ज किया गया। मामले में एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने जांच कराए जाने की बात कही है। वहीं, आरोपित सिपाही मोहित यादव ने खुद को फंसाने की कोशिश किए जाने का दावा किया है। फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रेन में हुई मुलाकात, शादी का झांसा देने का आरोप
छात्रा ने बताया कि करीब छह महीने पहले वह अपनी बुआ के साथ लखनऊ घूमने गई थी। लौटते समय हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस में उसकी मुलाकात बगल की सीट पर बैठे मोहित यादव से हुई। छात्रा के अनुसार, मोहित ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए अपना मोबाइल नंबर दिया और जरूरत पड़ने पर संपर्क करने को कहा।
छात्रा का दावा है कि इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी। आरोप है कि मोहित ने प्यार और शादी की बातें करके उसे भरोसे में लिया और होटल ले जाने लगा। इसी दौरान उसने कथित तौर पर छात्रा की बिना कपड़ों वाली तस्वीरें और वीडियो बना लिए, जिनका इस्तेमाल बाद में उसे डराने के लिए किया गया।
दूसरे लोगों के पास भेजने का भी आरोप
छात्रा ने आरोप लगाया कि कुछ समय बाद सिपाही ने उससे कहा कि शादी करने के लिए पैसों की जरूरत होगी और इसके लिए उसे दूसरे लोगों के पास जाना पड़ेगा। छात्रा के मुताबिक, उसे ऐसे लोगों के संपर्क में भेजने और उनके साथ यौन संबंध बनाने के लिए दबाव डाला गया।
उसका दावा है कि सिपाही और उसके कुछ साथियों ने कथित तौर पर उसका यौन शोषण किया। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया जा रहा था। उसने कहा कि उसने डर के कारण पहले अपनी बुआ को इस बारे में बताया।
शिकायत के बाद बयान बदलने का दबाव बनाने का आरोप
छात्रा के मुताबिक, एसपी से शिकायत करने के बाद जब उसने जमानिया के सीओ के सामने बयान दर्ज कराया और वहां से लौट रही थी, तब गहमर थाने में तैनात सिपाही मोहित यादव एक अन्य सिपाही के साथ मिला। छात्रा ने आरोप लगाया कि दोनों ने उसे, उसके पिता और बुआ को जान से मारने की धमकी दी। साथ ही बयान बदलने का दबाव बनाया और जबरन एक कागज पर हस्ताक्षर करा लिए।
इन आरोपों की भी जांच होना बाकी है। छात्रा का कहना है कि परिवार के कुछ लोग बदनामी के डर से मामला खत्म करना चाहते हैं, लेकिन वह अपने बयान से पीछे नहीं हटना चाहती और न्याय चाहती है।
व्हाट्सऐप चैट में शिकायत वापस लेने की बात
मामले में छात्रा और सिपाही के बीच कथित व्हाट्सऐप चैट भी सामने आने की बात कही गई है। छात्रा के अनुसार, चैट में सिपाही ने शादी के लिए तैयार होने की बात लिखते हुए उससे शिकायत वापस लेने और मिलकर बात करने को कहा। हालांकि, चैट की प्रामाणिकता और पूरे मामले में उसकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस जांच पर टिकी नजरें
एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। आरोपित सिपाही मोहित यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसे फंसाने की कोशिश की जा रही है। अब जांच में छात्रा के आरोपों, उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों, कथित धमकियों और बयान बदलने के दबाव से जुड़े दावों की पुष्टि अहम होगी।









