अम्बेडकरनगर। मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत सोमवार को जनपद के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों में अनूठी पहल की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं में से चयनित छात्राओं को एक दिन के लिए प्रधानाचार्य का दायित्व सौंपा गया। छात्राओं को विद्यालय प्रबंधन, अनुशासन व्यवस्था, कार्यालय कार्य और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से अवगत कराने का उद्देश्य लेकर यह गतिविधि पूरे जिले में आयोजित की गई।
छात्राओं ने संभाली प्रधानाचार्य की कुर्सी
चयनित छात्राओं को विधिवत रूप से प्रधानाचार्य की कुर्सी पर बैठाया गया और उन्हें दिनभर विद्यालय संचालन की सभी जिम्मेदारियाँ निभाने का अवसर दिया गया। छात्राओं ने सुबह की प्रार्थना सभा से लेकर कक्षाओं के निरीक्षण तक पूरा कार्यभार संभाला।
प्रधानाचार्य बनी छात्राओं ने विद्यालय की अनुशासन व्यवस्था का निरीक्षण किया, विभिन्न कक्षाओं में जाकर शिक्षण-अधिगम स्थिति की समीक्षा की और विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक और व्यक्तिगत समस्याओं को जाना। छात्राओं ने समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित शिक्षकों से चर्चा की और आवश्यक निर्देश भी दिए।
कार्यालय कार्य और अभिलेख प्रबंधन की मिली जानकारी
इस विशेष पहल में चयनित छात्राओं को कार्यालय संचालन, उपस्थिति निरीक्षण और अभिलेख प्रबंधन की जानकारी दी गई। विद्यालय प्रशासन ने उन्हें बताया कि किस प्रकार शैक्षणिक गतिविधियों, दस्तावेजों और दैनिक प्रशासनिक कार्यों का प्रबंधन किया जाता है।
कार्यक्रम में शामिल छात्राओं ने बताया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझना उनके लिए एक नया अनुभव था, जिससे उन्हें विद्यालय संचालन की जटिलताओं और जिम्मेदारियों का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।
आत्मविश्वास और कुशलता के साथ निभाया दायित्व
प्रधानाचार्य बनी छात्राओं ने अपने दायित्वों का निर्वहन आत्मविश्वास और कुशलता के साथ किया। छात्राओं का संयमित व्यवहार, स्पष्ट निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने। विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मियों ने भी छात्राओं के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे दिन का कार्यक्रम सुचारू रूप से संचालित कराया।








