- आवास, स्वास्थ्य, मनोरंजन समेत सुरक्षित माहौल मिला बालिकाओं को
- संयोजन अनुराग सिन्हा और संचालन निष्ठा सिंह ने किया
- ग्रामीण बालिकाओं के लिए बनी सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल
अंबेंडकरनगर। एनटीपीसी टांडा द्वारा अपने नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित एक माह की निःशुल्क आवासीय बालिका सशक्तीकरण कार्यशाला का समापन समारोह रविवार को सरगम सभागार में संपन्न हुआ। इस कार्यशाला का उद्देश्य 10-12 वर्ष की बालिकाओं को शिक्षा, आत्मरक्षा, कला व व्यक्तित्व विकास से जोड़ते हुए उनके आत्मबल को सशक्त करना था। समापन समारोह की शुरुआत कार्यकारी निदेशक जयदेव परिदा एवं गरिमा महिला मंडल की अध्यक्षा संघमित्रा परिदा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इस अवसर पर महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) अजय सिंह यादव, परियोजना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, महिला मंडल की सदस्याएं, प्रतिभागी बालिकाएं, उनके अभिभावक, ग्राम प्रधान, शिक्षक एवं आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान चयनित बालिकाओं को शैक्षिक ज्ञान, आत्मरक्षा कौशल, योगाभ्यास, सांस्कृतिक गतिविधियों और संवाद कला का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उन्हें पूर्णत: सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक वातावरण में आवास, भोजन, स्वास्थ्य सुविधा एवं मनोरंजन का अवसर भी प्रदान किया गया।
समापन कार्यक्रम में बालिकाओं ने कथक नृत्य, योग प्रदर्शन और समूह गायन जैसी आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्हें उपस्थितजनों ने सराहना के साथ देखा। कार्यकारी निदेशक जयदेव परिदा ने कहा कि यह पहल बेटियों के सपनों को साकार करने की दिशा में एक व्यवस्थित और ठोस प्रयास है। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी टांडा सदैव समाज की सहभागिता के लिए प्रतिबद्ध है और बेटियों को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता में शामिल है।
समारोह के दौरान धन्यवाद ज्ञापन अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) रजनीश खेतान ने किया। कार्यक्रम का समुचित संयोजन उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) अनुराग सिन्हा द्वारा किया गया, जबकि संचालन की जिम्मेदारी सीएसआर अधिकारी निष्ठा सिंह ने कुशलता से निभाई।








