जिला उपभोक्ता फोरम परिसर में सरकारी धन की बर्बादी का glaring मामला

  • पानी लेने में परेशानी, स्वच्छता और सुरक्षा पर असर
  • स्थानीय लोगों ने इसे सरकारी धन की बर्बादी बताया
  • नियमित देखभाल और प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर

अंबेडकर नगर। जिले के उपभोक्ता फोरम न्यायालय परिसर में एक हैंडपंप की स्थिति ने सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिसर में झाड़ियों के बीच लगे इस हैंडपंप के कारण आमजन के लिए इसका उपयोग लगभग असंभव हो गया है। ऐसे में यह साफ हो गया है कि यह सरकारी सुविधा जनता के काम नहीं आ रही, बल्कि एक बेकार खर्च साबित हो रही है।

झाड़ियों में फंसा हैंडपंप, सुविधा नहीं बनी समस्या

न्यायालय परिसर में सार्वजनिक सुविधा के तौर पर लगाये गए हैंडपंप के आसपास घनी झाड़ियां उग आई हैं, जिससे पानी पीने या उपयोग करने के लिए पहुंचना मुश्किल हो गया है। यह स्थिति दर्शाती है कि परिसर के रखरखाव और सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

हैंडपंप के आसपास झाड़ियों के बढ़ने से न केवल पानी लेने में परेशानी होती है बल्कि स्वच्छता की दृष्टि से भी यह उचित नहीं है। इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से भी यह स्थान जोखिम भरा हो सकता है, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों के लिए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस तरह की लापरवाही सीधे सरकारी धन की बर्बादी को दर्शाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या योजनाओं को लागू करने के बाद उनकी नियमित देखभाल का कोई प्रावधान है या नहीं। एक आमजन ने कहा, “यह सुविधा तो बन गई है, लेकिन इसका फायदा कोई नहीं उठा पा रहा। हैंडपंप के आसपास झाड़ियां इतनी ज्यादा बढ़ गई हैं कि पास जाना भी मुश्किल है। सरकारी योजनाएं कब सही मायने में जनता के लिए काम करेंगी?”

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