सोने की कीमतों में तेजी से बढ़ा पुराने गहनों की रिसाइकलिंग का चलन

  • सोने की ऊंची कीमतों से नया सोना खरीदना हुआ महंगा
  • पुराने गहनों और सिक्कों की रिसाइकलिंग में बढ़ी दिलचस्पी
  • 11% रिसाइकलिंग पर निर्भर भारत, बाकी सोना होता है आयात

अहमदाबाद। वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण सोने की कीमतों में बीते वर्षों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। इस तेजी के चलते उपभोक्ताओं में नया सोना खरीदने की बजाय पुराने आभूषणों को रिसाइकल कराने की प्रवृत्ति बढ़ी है।

20% तक उपभोक्ता पुराने गहनों को बदल रहे

होलसेल गोल्ड ज्वेलरी एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश बाफना के अनुसार, वर्तमान में लगभग 20 प्रतिशत उपभोक्ता अपने पुराने आभूषण या सिक्के देकर नई डिजाइनों के हल्के गहने खरीद रहे हैं। यह चलन खासकर उन परिवारों में देखा जा रहा है जो भविष्य में होने वाली शादियों की तैयारी कर रहे हैं।

रिसाइकलिंग की दर सिर्फ 11%, आयात पर भारी निर्भरता

भारत में सिर्फ 11% सोना रिसाइकल होता है, जबकि बाकी सोना आयात किया जाता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में भारत ने 114.3 टन सोने की रिसाइकलिंग की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2% कम है।

रिसाइकलिंग की पारदर्शिता बनी चुनौती

अंबिका ज्वेलर्स के पराग जैन ने बताया कि सोने की रिसाइकलिंग का रुझान कीमतों में उतार-चढ़ाव से जुड़ा है। लेकिन असंगठित क्षेत्र में शुद्धता की सही जांच न होने के कारण उपभोक्ताओं को नुकसान उठाना पड़ता है। मुथूट एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड के CEO केयूर शाह ने बताया कि कंपनी ने ‘गोल्ड पॉइंट्स’ के जरिए उपभोक्ताओं को पारदर्शी मंच देना शुरू किया है जहां वैज्ञानिक तरीकों से सोने की जांच की जाती है।

Related Posts

RBI ने रेपो रेट 5.25% पर रखा बरकरार, EMI में नहीं होगी बढ़ोतरी

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम लोगों को राहत देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद गुरुवार को…

Continue reading
शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 266 अंक और निफ्टी 50 अंक चढ़कर बंद

मुंबई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर बाजार में मजबूती देखने को मिली। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद सेंसेक्स 266 अंक की बढ़त के साथ 83,580 के स्तर…

Continue reading