- विपक्ष की मांग- प्रधानमंत्री खुद दें जवाब
- जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर
- राज्यसभा में पास हुआ बिल ऑफ लैडिंग बिल 2025
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है, और पहले ही दिन विपक्ष ने पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर जोरदार हंगामा किया। लोकसभा को चार बार स्थगित करना पड़ा, जबकि विपक्ष की मांग रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इन मुद्दों पर बयान दें। सरकार ने साफ किया कि वह इन दोनों मुद्दों पर बहस के लिए तैयार है।
सरकार ने तय किया है कि लोकसभा में 16 घंटे और राज्यसभा में 9 घंटे तक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस होगी। हालांकि, I.N.D.I.A गठबंधन की मांग है कि यह चर्चा सत्र की शुरुआत में कराई जाए और PM मोदी सीधे जवाब दें।
संसद में पहले दिन का हाल
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लोकसभा में चार बार स्थगन: विपक्षी सांसदों ने पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी की, जिससे सदन की कार्यवाही दिनभर में चार बार स्थगित हुई।
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जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने की मांग: 145 लोकसभा सांसदों और 63 राज्यसभा सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को ज्ञापन सौंपकर वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए।
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बिल ऑफ लैडिंग बिल, 2025 पास: राज्यसभा ने यह महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया, जो 1856 के पुराने कानून की जगह लेगा और समुद्री परिवहन में भेजे गए माल का दस्तावेजी प्रमाण प्रदान करेगा।
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इनकम टैक्स बिल पर संसदीय रिपोर्ट पेश: लोकसभा में नई टैक्स व्यवस्था से जुड़े 622 पन्नों वाले बिल पर बनी समिति की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें 285 सुझाव दिए गए।
विपक्ष की रणनीति और मांग
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि “पहलगाम हमले के आतंकियों को अब तक पकड़ा नहीं गया है और न ही मारा गया। जम्मू-कश्मीर में इंटेलिजेंस फेलियर स्पष्ट है।” उन्होंने सरकार से जवाब की मांग की।
इस पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “सरकार सभी सवालों का जवाब देगी और चर्चा से नहीं भागेगी। ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी सभी जानकारियां संसद में रखी जाएंगी।”
विपक्ष की रणनीतिक बैठक
सत्र से पहले I.N.D.I.A. गठबंधन ने बैठक कर रणनीति बनाई थी। इसमें ऑपरेशन सिंदूर, भारत-पाक सीजफायर, ट्रंप के सीजफायर दावे, और बिहार वोटर लिस्ट जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बनी थी। गठबंधन चाहता है कि प्रधानमंत्री खुद जवाब दें।
मानसून सत्र की रूपरेखा
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21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र
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कुल 18 बैठकें, जिसमें 15 से ज्यादा बिलों पर बहस प्रस्तावित
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8 नए बिल पेश किए जाएंगे, 7 लंबित विधेयकों पर चर्चा
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13 और 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के कारण अवकाश







