हज़रत मोहम्मद साहब की 1500वीं जयंती पर जुलूसे मोहम्मदी की भव्य तैयारी

अम्बेडकरनगर/टांडा। पैग़ंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब की 1500वीं जयंती के अवसर पर इस वर्ष टांडा शहर और उसके आसपास के इलाकों में जुलूसे मोहम्मदी भव्यता और धार्मिक श्रद्धा के साथ निकाला जाएगा। आयोजन को लेकर शहर में धार्मिक उत्साह चरम पर है। जुलूस में शामिल होने वाली अंजुमनों के स्वागत की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

अंजुमनों का होगा भव्य स्वागत, मंच और स्टॉल तैयार

फैज़ान हक्कानी टांडा की ओर से सकरावल गोठ में एक स्वागत मंच तैयार किया जा रहा है, जहाँ मरकज़ी जुलूस में शामिल अंजुमनों का गर्मजोशी से इस्तकबाल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, शहर के विभिन्न हिस्सों में छोटे-छोटे स्वागत स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

कारी जमाल अशरफ निजामी, डायरेक्टर फैज़ान हक्कानी टांडा ने बताया कि जुलूस हमेशा की तरह मरकज़ी अंजुमन “गुलामे मुस्तफा” के नेतृत्व में निकलेगा। इस जुलूस में बच्चे, बुजुर्ग, युवा, महिलाएं बड़ी संख्या में शरीक होंगे। शहर भर में “लब्बैक या रसूलल्लाह” के नारों की गूंज सुनाई देगी।

डीजे पर सख़्त विरोध, इस्लामी परंपरा से निकालने की पहल

कारी जमाल अशरफ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में डीजे और हाई-फाई साउंड सिस्टम जैसी चीज़ों ने धार्मिक जुलूसों की गरिमा को प्रभावित किया है। उन्होंने इसे “ध्वनि प्रदूषण और आत्मिक विघ्न” की संज्ञा देते हुए बताया कि फैज़ान हक्कानी की ओर से बीते तीन वर्षों से डीजे के विरोध में एक सामाजिक आंदोलन चलाया जा रहा है, जिसे लोगों का समर्थन भी मिला है।

उन्होंने साफ़ कहा कि इस बार भी डीजे का प्रयोग करने वाली अंजुमनों को नज़रअंदाज़ किया जाएगा, जबकि शालीनता और अनुशासन के साथ चलने वाले समूहों का विशेष स्वागत किया जाएगा। संस्था की कोशिश है कि जुलूस पूरी तरह से इस्लामी शिक्षाओं के अनुरूप, सादगी और शांति के साथ सम्पन्न हो।

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