नयी दिल्ली। दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में स्थित दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) कार्यालय में शनिवार को उस समय बवाल मच गया, जब डीएसजीएमसी के कुछ सदस्य पुलिस के साथ कमेटी के खातों की जांच करने पहुंच गए।
नॉर्थ एवेन्यू थाना पुलिस के साथ गुरुद्वारा कमेटी कार्यालय पहुंचे शिरोमणी अकाली दल दिल्ली (शिअदद) के महासचिव एवं पंजाबी बाग वार्ड से डीएसजीएमसी सदस्य हरविंदर सिंह सरना ने कहा कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से खबरें मिल रही थी कि गुरुद्वारों के फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है, इसलिए उनकी टीम की शिकायत पर आज पुलिस डीएसजीएमसी के खातों की जांच के लिए गुरुद्वारा परिसर गई।
श्री सरना ने कहा, “ जब हम यहां पहुंचे तो हमने अकाउंट विभाग में जाकर कैश रजिस्टर मांगा, जिसमें वर्तमान में डीएसजीएमसी के पास एक करोड़ 30 लाख रूपये होने की पुष्टि की गई थी, लेकिन जब जांच की गई तो 66 लाख रूपए की नकदी ही पाई गई। इस दौरान स्टाफ ने बहाना लगाया कि शेष राशि को बैंक में जमा करवाने के लिए लेकर जाया जा रहा है, जबकि आज बैंक ही बंद थे। शाम तक शेष राशि के बारे में कोई कुछ नहीं बता पाया। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
” मामले में डीएसजीएमसी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने कहा कि वह तो काफी समय से यह कह रहे हैं कि डीएसजीएमसी के फंड का दुरुपयोग हो रहा है। यह सीधी चोरी है। करोड़ों रुपए की घपलेबाजी की गई है। इस मामले में नई दिल्ली जिला के पुलिस उपायुक्त दीपक यादव ने कहा कि उनके पास इस बारे में शिकायत आई है और छानबीन की जा रही है।






