- बिना नोटिस दुकान सील करने पर LDA पर ₹50,000 जुर्माना
- कोर्ट ने दुकान मालिक को कब्जा लौटाने का दिया आदेश
- संविधान के अनुच्छेद 300A का उल्लंघन बताया
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को तगड़ा झटका देते हुए उस पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई सहारा बाजार, गोमतीनगर की एक दुकान को बिना नोटिस दिए सील करने पर की गई। कोर्ट ने इसे संविधान के अनुच्छेद 300A (स्वामित्व के अधिकार का संरक्षण) का उल्लंघन बताया है।
दुकान सील करने से पहले नहीं दिया गया नोटिस
याचिकाकर्ता मोहम्मद जाइमुल इस्लाम ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने सहारा इंडिया कॉमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड से वर्ष 2000 में सहारा बाजार स्थित दुकान संख्या 112(a) खरीदी थी। यह दुकान LDA से 30 साल की लीज पर सहारा को दी गई थी, जिसमें ट्रांसफर की अनुमति थी बशर्ते चार्ज जमा किया जाए।
याचिकाकर्ता ने सभी वैध शुल्क जमा किए थे और तब से दुकान के वैध मालिक हैं। बावजूद इसके, LDA ने 3 मई 2025 को सहारा की लीज खत्म करने का आदेश पारित किया और 18 जून को नोटिस जारी कर दुकानों को खाली करने का निर्देश दिया, लेकिन याचिकाकर्ता को कोई व्यक्तिगत नोटिस नहीं दिया गया और सीधे उसकी दुकान सील कर दी गई।
कोर्ट ने कहा- यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में बर्दाश्त नहीं
न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि किसी व्यक्ति को बिना नोटिस और कानूनी प्रक्रिया के संपत्ति से बेदखल करना असंवैधानिक है। कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता को तुरंत दुकान का कब्जा वापस दिया जाए और LDA को ₹50,000 हर्जाना देना होगा।








