- 62 निजी अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी संस्थानों को नोटिस जारी
- 20 से अधिक संचालकों ने अब तक नहीं दिया जवाब
- लाइसेंस नवीनीकरण से पहले हो रही सघन जांच
अंबेडकरनगर। जनपद में संचालित अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी केंद्रों के संचालन में गड़बड़ियां सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय द्वारा नियमों की अनदेखी करने वाले 62 निजी चिकित्सा संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है, जिनमें से लगभग 20 से अधिक संस्थानों के संचालक अब तक नोटिस का जवाब देने सीएमओ कार्यालय नहीं पहुंचे हैं।
लाइसेंस नवीनीकरण से पहले कसी जा रही है निगरानी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में कार्यरत निजी अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी और हास्पिटल संस्थानों के लाइसेंस नवीनीकरण से पूर्व उनकी गतिविधियों की जांच की जा रही है। सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल के अनुसार दो चरणों में 62 चिकित्सा संस्थानों को नोटिस जारी कर दस्तावेज एवं संचालन मानकों के बारे में जवाब मांगा गया था।
लापरवाही पर चेतावनी, कार्रवाई की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग ने संचालकों को एक सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया था कि निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करें, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। लेकिन 25 जून तक स्थिति यह रही कि कई संचालक विभागीय निर्देशों की अनदेखी करते रहे। सीएमओ ने संकेत दिए हैं कि अब जवाब न देने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।
गैर जनपद के डॉक्टरों के नाम पर चल रहे केंद्रों पर रोक
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कई अल्ट्रासाउंड व पैथोलॉजी केंद्रों का संचालन गैर जनपद के डॉक्टरों के नाम पर हो रहा है, जो मौके पर उपस्थित नहीं रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब ऐसे किसी केंद्र का संचालन स्वीकृत नहीं होगा। रजिस्ट्रेशन में दर्ज डॉक्टर की मौजूदगी अनिवार्य होगी।








