सुप्रीम कोर्ट में ऑनलाइन अश्लील कंटेंट पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई

  • सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन अश्लील कंटेंट पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई की
  • कोर्ट ने केंद्र सरकार और 9 OTT प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
  • याचिकाकर्ता ने दावा किया कि अश्लील कंटेंट से समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और 9 प्रमुख OTT प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है। याचिका में मांग की गई है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील कंटेंट की स्ट्रीमिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए। याचिकाकर्ता, पत्रकार और पूर्व सूचना आयुक्त उदय माहुरकर का कहना है कि ऐसे कंटेंट से युवाओं और बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और इससे समाज में विकृत मानसिकता पैदा हो सकती है।

कोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा एक गंभीर चिंता का विषय है और केंद्र को इस पर कदम उठाने की जरूरत है, हालांकि, यह मामला कार्यपालिका या विधायिका के अधिकार क्षेत्र में आता है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस मुद्दे पर कुछ नियम पहले से हैं और सरकार नए नियमों पर विचार कर रही है।

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि इंटरनेट की सस्ती पहुंच के कारण अश्लील कंटेंट अब आसानी से हर उम्र के लोगों तक पहुंच रहा है, जिससे समाज में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी कहा था कि यह एक नीतिगत मामला है और इस पर केंद्र को निर्णय लेना चाहिए। 2020 में OTT प्लेटफॉर्म्स ने एक सेल्फ रेगुलेशन कोड भी तैयार किया था, लेकिन याचिकाकर्ता का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है।

Back to top button