अमेरिका : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की धुरी माने जाने वाले Strait of Hormuz को अनिश्चितता में डाल दिया है। इसका असर अब Japan पर साफ दिख रहा है। बढ़ते संकट के बीच जापान सरकार ने घोषणा की है कि वह 1 मई से लगभग 20 दिनों तक अतिरिक्त तेल भंडार जारी करेगी, ताकि देश की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो।
होर्मुज संकट: वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के कुल तेल व्यापार का करीब 20% संभालता है। Iran और United States के बीच तनाव बढ़ने के बाद इस मार्ग पर जोखिम बढ़ गया है। जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशिया पर 90% से अधिक निर्भर है, जिससे यह संकट उसके लिए और गंभीर हो गया है।
जापान का बड़ा फैसला: तेल भंडार जारी
जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, सरकार 5.8 मिलियन किलोलीटर तेल बाजार में उतारेगी। इस भंडार की अनुमानित कीमत करीब 540 बिलियन येन (लगभग 3.4 बिलियन डॉलर) है। ऊर्जा संकट से निपटने के लिए जापान कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय है। जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने Mohammed bin Salman से बातचीत कर क्षेत्र में शांति बनाए रखने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। सऊदी अरब ने जापान को भरोसा दिलाया है कि वह ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने और तेल आपूर्ति बनाए रखने में सहयोग करेगा।
खासतौर पर यानबू पोर्ट के जरिए सप्लाई जारी रखने को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। जापान ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के प्रयासों का समर्थन करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज में तनाव बना रहा, तो इसका असर वैश्विक तेल कीमतों और अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक पड़ सकता है।









