- रेरा लागू होने के बाद रियल एस्टेट में बढ़ा पारदर्शिता और निवेशकों का भरोसा
- घर खरीदते समय स्टाम्प ड्यूटी पर कैसे पाएं दोगुना टैक्स लाभ
- होम लोन पर ब्याज और मूलधन दोनों पर मिलती है टैक्स छूट
नई दिल्ली । रियल एस्टेट आज के समय में निवेश के सबसे भरोसेमंद विकल्पों में शुमार हो चुका है। तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के चलते हाउसिंग सेक्टर में बीते कुछ वर्षों में जबरदस्त ग्रोथ देखी गई है। निवेशकों के लिए यह क्षेत्र न केवल अच्छा रिटर्न देने वाला साबित हो रहा है, बल्कि सरकार द्वारा की गई पहलें इसे और भी आकर्षक बना रही हैं।
2016 में रियल एस्टेट सेक्टर को पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में मजबूती देने के लिए सरकार ने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) की स्थापना की थी। रेरा ने घर खरीदारों के हितों की रक्षा करते हुए इस क्षेत्र में निवेश का भरोसा बढ़ाया है।
अगर आप भी रियल एस्टेट में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह जान लेना जरूरी है कि घर खरीदने और बेचने के दौरान आप कई टैक्स बेनिफिट्स का लाभ उठा सकते हैं। आइए जानते हैं वे पांच खास तरीके जिनसे आप अधिकतम टैक्स बचत कर सकते हैं:
स्टाम्प ड्यूटी पर मिलेगी छूट – धारा 80C
घर खरीदते समय दी जाने वाली स्टाम्प ड्यूटी पर आप 1.50 लाख रुपए तक की टैक्स छूट ले सकते हैं। यदि आप और आपकी पत्नी दोनों के नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड कराते हैं, तो यह छूट बढ़कर 3 लाख रुपए तक हो सकती है।
होम लोन के ब्याज पर कटौती – धारा 24
यदि आपने मकान खरीदने के लिए होम लोन लिया है, तो उसके ब्याज पर 2 लाख रुपए तक की कटौती आयकर अधिनियम की धारा 24 के तहत मिल सकती है। वहीं, मूलधन की राशि पर भी धारा 80C के तहत 1.50 लाख रुपए तक की छूट का लाभ ले सकते हैं।
प्रॉपर्टी बेचकर नया मकान खरीदने पर राहत – धारा 54 व 54F
अगर आप एक पुरानी रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी बेचकर दूसरी रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदते हैं, तो पूरे मुनाफे पर टैक्स माफ किया जा सकता है, बशर्ते नई प्रॉपर्टी में पूरी रकम लगाई जाए। वहीं, अगर आप कोई अन्य संपत्ति (जैसे जमीन) बेचकर मकान खरीदते हैं, तो धारा 54F के तहत सीमित टैक्स छूट का फायदा मिलेगा।








