गरीबी में मजदूरी करते हुए कैसे बना टॉपर?

बाराबंकी के करन ने क्यों जगाई पूरे गांव में पढ़ाई की नई उम्मीद

  • Barabanki के गांव में शिक्षा की नई कहानी
  • करन कुमार ने 64% अंकों से हाईस्कूल पास किया
  • आजादी के बाद गांव से हाईस्कूल पास करने वाले दूसरे छात्र

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के Barabanki जिले के बनीकोडर ब्लॉक अंतर्गत निजामपुर (अहमदपुर) गांव से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। यहां के करन कुमार ने तमाम कठिन परिस्थितियों के बावजूद इस साल हाईस्कूल परीक्षा प्रथम श्रेणी में 64 प्रतिशत अंकों के साथ पास कर इतिहास रच दिया है।

खास बात यह है कि आजादी के सात दशक बाद इस गांव से हाईस्कूल पास करने वाले करन सिर्फ दूसरे छात्र हैं। इससे पहले पिछले साल उनके मौसेरे भाई रामसेवक (रामकेवल) ने यह उपलब्धि हासिल कर गांव में शिक्षा की नींव रखी थी। अब करन की सफलता ने पूरे गांव में पढ़ाई को लेकर नई जागरूकता पैदा कर दी है।

करन का सफर आसान नहीं रहा। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ मजदूरी भी करनी पड़ी। शादियों के सीजन में वे टेंट हाउस की रोड लाइटें सिर पर ढोकर काम करते थे, जबकि सीजन खत्म होने के बाद लोडिंग साइकिल रिक्शा चलाकर अपने खर्च का इंतजाम करते थे।

करन Ahmedpur स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ाई करते थे। घर में बिजली की सुविधा न होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत जारी रखी।

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