40 साल से यूपी में छिपा पाकिस्तानी कैसे पकड़ में आया?

क्या है स्लीपर सेल का शक और क्यों चौंकी पुलिस

  • Bulandshahr से आरोपी की गिरफ्तारी
  • फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद
  • अलग-अलग नामों से पश्चिमी यूपी में रह रहा था

उत्तर प्रदेश के Bulandshahr में पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर पिछले करीब 40 वर्षों से भारत में फर्जी पहचान के सहारे रह रहा था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मूल रूप से पाकिस्तान का नागरिक है और लंबे समय से पश्चिमी यूपी के विभिन्न शहरों में नाम बदल-बदलकर रह रहा था।

एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय के अनुसार, आरोपी को शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुए हैं। इन दस्तावेजों में उसका नाम सैय्यद वासित अली पुत्र सैय्यद लईक अहमद, निवासी सुशीला विहार, बुलंदशहर दर्ज था।

हालांकि, जब पुलिस ने गहन जांच की तो उसके पास मौजूद पासपोर्ट में उसकी असली पहचान सामने आई। पासपोर्ट के अनुसार, आरोपी का असली नाम बासिद इरशाद (55) पुत्र इरशाद अहमद है और वह पाकिस्तान के न्यू कराची क्षेत्र का निवासी है।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी कानून के शिकंजे में आ चुका है। वर्ष 2012 में Meerut में उसे पहचान छिपाकर अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि उस समय उसे डिपोर्ट क्यों नहीं किया गया और वह दोबारा कैसे फरार होकर बुलंदशहर पहुंच गया।

पुलिस इन सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है और इस संबंध में मेरठ पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है। साथ ही सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं आरोपी का संबंध किसी स्लीपर सेल नेटवर्क से तो नहीं है।

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