- कोर्ट में बयान हटाने और सोशल मीडिया से वीडियो डिलीट करने की मांग की गई थी
- भाजपा ने दुबे के बयान से खुद को अलग बताया, विपक्ष ने आलोचना की
- CJI के खिलाफ बयान पर कांग्रेस और AAP ने तीखा रिएक्शन दिया
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ दायर अवमानना याचिका खारिज कर दी। याचिका में आरोप था कि दुबे ने सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी। मुख्य न्यायाधीश ने याचिका को खारिज करते हुए कहा, “हमारे कंधे मजबूत हैं, इस पर विचार नहीं करना चाहते।”
याचिकाकर्ता बोले – यह न्यायपालिका की गरिमा का सवाल
याचिका दाखिल करने वाले विशाल तिवारी ने अदालत से मांग की थी कि निशिकांत दुबे के बयानों को अदालत की अवमानना मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। तिवारी ने कहा कि दुबे के बयान ने न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
क्या था निशिकांत दुबे का बयान?
19 अप्रैल को निशिकांत दुबे ने कहा था कि “देश में जितने गृह युद्ध हो रहे हैं, उसके लिए CJI संजीव खन्ना जिम्मेदार हैं और धार्मिक युद्ध भड़काने के लिए सिर्फ सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदार है।” यह बयान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के विरोध में दिया था, जिसमें अदालत ने कहा था कि किसी भी बिल पर राष्ट्रपति को तीन महीने के भीतर निर्णय लेना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया संक्षिप्त आदेश
बेंच ने स्पष्ट किया कि वह न तो याचिकाकर्ता की दलीलें सुनना चाहती है और न ही लंबी बहस में पड़ना चाहती है। CJI संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजे मसीह की बेंच ने कहा, “हम सिर्फ एक शॉर्ट ऑर्डर पास करेंगे।”
भाजपा ने बयान से किया किनारा
दुबे के बयान के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि पार्टी इन बयानों से सहमत नहीं है। उन्होंने कहा, “भाजपा न्यायपालिका का हमेशा सम्मान करती है और ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करती।”
विपक्ष ने साधा निशाना
दुबे के बयान पर विपक्षी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट से नाराज़ है क्योंकि उसने कई मामलों में केंद्र के फैसलों को असंवैधानिक करार दिया है।
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सलमान खुर्शीद ने इसे न्यायपालिका पर सीधा हमला बताया।
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AAP की प्रियंका कक्कड़ ने सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की।
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पूर्व जज अशोक गांगुली ने कहा, “कोई भी कानून से ऊपर नहीं है – न राष्ट्रपति, न सांसद।”
अन्य याचिकाएं भी हुईं थीं दाखिल
इससे पहले पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने भी सुप्रीम कोर्ट में दुबे के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के वकील नरेंद्र मिश्रा, अनस तनवीर और शिवकुमार त्रिपाठी ने भी कार्रवाई की मांग की थी।








