- चीन में डिफेंस स्टॉक्स की उछाल, भारत-पाक संघर्ष का असर
- भारत की एयर स्ट्राइक के बाद चीन और पाकिस्तान के डिफेंस शेयरों में वृद्धि
- ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से बढ़ी उम्मीदें: क्या चीन को मिलेगा ज्यादा डिफेंस सप्लाई का फायदा?
मुंबई। पाकिस्तान और पीओके में भारत द्वारा आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक के बाद, चीन के डिफेंस स्टॉक्स में 20% तक की भारी वृद्धि देखी गई है। यह वृद्धि भारत-पाक संघर्ष के बढ़ने की संभावना को दर्शाती है, जिससे चीन की डिफेंस सप्लाई में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
चीन के डिफेंस सप्लायरों को लाभ
पाकिस्तान का प्रमुख डिफेंस सप्लायर चीन है, और यदि संघर्ष बढ़ता है, तो चीन को डिफेंस उपकरणों की अधिक आपूर्ति करने का अवसर मिल सकता है। इस कारण, चीन की डिफेंस कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है। विशेष रूप से, J-10C फाइटर जेट बनाने वाली कंपनी के शेयर में 20% का उछाल आया है।
चीन की एविएशन कंपनियों के शेयर में तेजी
जे-10सी फाइटर जेट बनाने वाली कंपनी एविक चेंगदू एयरक्राफ्ट के शेयर 19.20% बढ़कर 70.60 CNY पर पहुंच गए। इसके अलावा, अन्य एविएशन कंपनियां जैसे गुआंग्लियन एविएशन इंडस्ट्री (4.76%), जियांग्शी होंगदू एविएशन इंडस्ट्री (6.35%) और एवीआईसी शेनयांग एयरक्राफ्ट (6.43%) के शेयरों में भी वृद्धि हुई है।
भारत की डिफेंस कंपनियों के शेयरों में भी वृद्धि
भारत की डिफेंस कंपनियों के शेयरों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (2.20%), कोचीन शिपयार्ड (1.66%), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (1.15%) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (0.69%) जैसे प्रमुख कंपनियों के शेयर बढ़े हैं।








