सेहत की खेती की ओर बढ़ा अंबेडकरनगर-एफपीओ निभाएंगे अहम भूमिका

  • सेहतमंद भविष्य की नींव: मोटे अनाज की खेती को मिलेगा बढ़ावा
  • एफपीओ की सक्रिय भागीदारी से मजबूत होगी किसान ताकत
  • बीज मुफ्त, फायदा भरपूर – अब हर किसान बोएगा सेहत के बीज

अंबेडकरनगर । अंबेडकरनगर जिला अब स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। इसकी शुरुआत मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती को बढ़ावा देकर की जा रही है। कृषि विभाग ने इस वर्ष जिले को ‘मिलेट्स हब’ के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है।

एफपीओ बने किसानों के सहयोगी

इस पहल में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) अहम भूमिका निभाएंगे। ये संगठन न केवल बीज वितरण की निगरानी करेंगे, बल्कि बुआई से लेकर फसल की देखभाल तक किसानों का साथ देंगे।

मिलेट्स: स्वास्थ्य संजीवनी

वर्तमान समय में असंतुलित आहार और मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारण लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में सांवा, कोदो, मडुआ, ज्वार और बाजरा जैसे मोटे अनाज पोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे हैं।

विभाग की क्रांतिकारी रणनीति

उप कृषि निदेशक डॉ. अश्विनी कुमार ने बताया कि इस बार विभाग सिर्फ प्रचार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्पादन में गुणात्मक सुधार लाने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है।

फसलों पर रहेगी विभागीय नजर

जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने बताया कि बुआई से लेकर कटाई तक विभागीय अधिकारी फसलों की निगरानी करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसान सही फसलों का उत्पादन कर रहे हैं।

एफपीओ के माध्यम से समन्वित बीज वितरण

बीजों की सीमित उपलब्धता को देखते हुए एफपीओ के जरिए समन्वित तरीके से वितरण किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके। इससे जिले में मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

इस पहल से न केवल किसानों को फायदा होगा, बल्कि स्वस्थ भोजन की उपलब्धता बढ़ने से स्थानीय समुदाय का स्वास्थ्य भी सुधरेगा।

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