- पति-पत्नी के बीच समझौता, पत्नी घर लौटने को तैयार
- ट्रेवल की परेशानी और स्कूटी की मांग पर बढ़ा विवाद
- परिवार परामर्श केंद्र ने कराया सफल समाधान
आगरा। कागारौल क्षेत्र की एक युवती ने छह महीने तक अपने मायके में रहकर पति के साथ रहने से इनकार कर दिया था। वजह थी पति द्वारा एक्टिवा स्कूटी नहीं दिलाना। रोजाना ऑटो और बस में धक्का-मुक्की झेलने वाली युवती ने आरोप लगाया कि पति लगातार वादे तो करते रहे, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया।
युवती ने मार्च 2025 में अपने बच्चे के साथ मायके चली गई। विवाद पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद मामला परिवार परामर्श केंद्र भेजा गया। शनिवार 25 अक्टूबर को आयोजित काउंसलिंग में दोनों पक्षों की बातें सुनी गईं और समझाया गया।
काउंसलिंग के बाद पति ने एक्टिवा दिलाने का वादा किया और पत्नी घर लौटने को तैयार हो गई। युवती और पति दोनों ने समझौता किया और अपने वैवाहिक जीवन को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया।
काउंसलिंग में मिले समाधान और आंकड़े
इस दिन परिवार परामर्श केंद्र में कुल 96 दंपतियों की काउंसलिंग हुई। इनमें से 16 दंपतियों के बीच समझौता कराया गया, जबकि 20 फाइलें बंद की गईं। विशेषज्ञों ने कहा कि वैवाहिक जीवन में खुशहाली तभी आती है जब दोनों पक्ष एक-दूसरे की परेशानियों और जरूरतों को समझें।
काउंसलिंग के दौरान पति-पत्नी को संवाद, सहानुभूति और समझदारी का महत्व समझाया गया। अधिकांश मामले घर की छोटी-छोटी समस्याओं से जुड़े थे।








