लखनऊ। दिवाली के त्योहार के दौरान पटाखों की धूम-धड़ाके के बीच लखनऊ में कुत्ते अचानक खूंखार हो गए हैं। शहर के 4 बड़े सरकारी अस्पतालों में डॉग बाइट के 300 से ज्यादा मामले सामने आए हैं, जो सामान्य दिनों की तुलना में दोगुने से अधिक हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने और डॉग बाइट होने पर तुरंत एंटी रैबीज वैक्सीन (ARV) लेने की सलाह दी है।
लोकबंधु अस्पताल में 2 दिन में 264 केस
राजनारायण लोकबंधु संयुक्त अस्पताल में 20 और 21 अक्टूबर को कुल 264 डॉग बाइट के मरीज पहुंचे। इसमें 133 और 131 डोज ARV की दी गई। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि सभी मरीजों को वैक्सीन लगाई गई और किसी में गंभीर लक्षण नहीं देखे गए।
बलरामपुर अस्पताल में 4 दिन में 265 मरीज
बलरामपुर अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता आर्या के अनुसार, 19 अक्टूबर को 40, 20 अक्टूबर को 88, 21 अक्टूबर को 91 और 22 अक्टूबर को 65 मरीजों को ARV की डोज लगी। उन्होंने कहा कि दिवाली के दौरान तेजी से बढ़े मामलों के कारणों का आकलन अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन इजाफा स्पष्ट है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में 3 दिन में 173 डोज
डॉ. एसके पांडेय के अनुसार, आम दिनों में डॉग बाइट के मामले 50 के भीतर रहते थे। 19 से 22 अक्टूबर के बीच 173 मरीजों को एंटी रैबीज इंजेक्शन दिया गया। CHC स्तर पर भी कई मामले सामने आए।
आलमबाग में भी बढ़े मामले
आलमबाग 50 बेड संयुक्त चिकित्सालय के CMS डॉ. आनंद त्रिपाठी ने बताया कि आम दिनों में 10 केस आते थे, लेकिन दिवाली में संख्या दोगुनी तक बढ़ गई।








