- शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन से पहले क्वारंटीन में गए
- 8 जून को चार देशों के एस्ट्रोनॉट्स ISS के लिए रवाना होंगे
- स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल से होगी लॉन्चिं
मुंबई। भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट और लखनऊ निवासी ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला Axiom-4 (Ax-4) मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा से पहले क्वारंटीन में चले गए हैं। उनके साथ अन्य तीन देशों के एस्ट्रोनॉट्स ने भी शनिवार को इस अहम फेज की शुरुआत की। यह मिशन 8 जून को लॉन्च किया जाना है।
शुभांशु ने मिशन से पहले आत्मविश्वास जताते हुए कहा,
“मुझे पूरा भरोसा है कि एक्सिओम मिशन सफल होगा। यह कमर्शियल स्पेस फ्लाइट के लिए मील का पत्थर साबित होगा।”
क्वारंटीन क्यों होता है ज़रूरी?
स्पेस मिशन से पहले क्वारंटीन एक जरूरी प्रक्रिया होती है ताकि क्रू किसी भी संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष में जाते समय स्वास्थ्य संबंधी किसी भी जोखिम को खत्म करना होता है।
चार देशों के चार यात्री, भारत से शुभांशु
Ax-4 मिशन में भारत, अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के एस्ट्रोनॉट शामिल हैं।
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शुभांशु शुक्ला (भारत): IAF के अनुभवी फाइटर पायलट
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स्लावोज़ उज़्नान्स्की (पोलैंड): 1978 के बाद दूसरे पोलिश अंतरिक्ष यात्री
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टिबोर कापू (हंगरी): 1980 के बाद हंगरी से दूसरे एस्ट्रोनॉट
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पैगी व्हिटसन (अमेरिका): NASA की पूर्व अंतरिक्ष यात्री, Ax मिशन में दूसरी बार जा रहीं हैं
शुभांशु का प्रोफाइल:
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मूल निवासी: लखनऊ, उत्तर प्रदेश
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स्कूलिंग: सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, अलीगंज
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NDA से ग्रेजुएशन, JNU से डिग्री
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2006 में भारतीय वायुसेना में कमीशन
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2000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव
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उड़ाए: सुखोई-30 MKI, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर, An-32 आदि
कहाँ से होगी लॉन्चिंग?
मिशन की लॉन्चिंग अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट द्वारा की जाएगी।
यह सभी एस्ट्रोनॉट्स स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल में यात्रा करेंगे। लॉन्च की फाइनल तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
मिशन का उद्देश्य क्या है?
Ax-4 मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष में
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वैज्ञानिक अनुसंधान
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प्रौद्योगिकी परीक्षण
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प्राइवेट स्पेस ट्रैवल को बढ़ावा देना है।








