- मार्केट कैप के मामले में इंडिगो ने अमेरिकी दिग्गज डेल्टा को पछाड़ा, कुछ देर के लिए बनी दुनिया की सबसे वैल्यूएबल एयरलाइन, लेकिन दिन के अंत में मामूली अंतर से दूसरी पोजिशन पर लौटी।
- सिर्फ 18 साल पुरानी इंडिगो ने 95 साल पुरानी डेल्टा को पीछे छोड़कर दुनिया भर में भारतीय एविएशन का डंका बजाया, निवेशकों ने भी कंपनी में भरोसा जताया।
- शेयर बाजार में रिकॉर्ड उछाल के साथ इंडिगो का मार्केट कैप 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा, कुछ समय के लिए बनी दुनिया की नंबर-1 एयरलाइन।
नई दिल्ली। भारत की अग्रणी बजट एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने गुरुवार को एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से दुनिया की सबसे वैल्यूएबल एयरलाइन बनने का गौरव प्राप्त किया। यह उपलब्धि ब्लूमबर्ग के आंकड़ों में दर्ज की गई।
कारोबार के दौरान इंडिगो का शेयर ₹5,265 के नए शिखर पर पहुंचा, जिससे इसका मार्केट कैप 2.01 लाख करोड़ रुपये (23.24 बिलियन डॉलर) हो गया। इस दौरान इंडिगो ने अमेरिका स्थित डेल्टा एयरलाइंस को पीछे छोड़ दिया, जिसका मार्केट कैप 23.18 बिलियन डॉलर रहा।
हालांकि बाजार बंद होते-होते इंडिगो की यह बढ़त मामूली अंतर से डेल्टा के मुकाबले कम हो गई। शेयर ₹5,194.90 पर बंद हुआ और मार्केट कैप 23.16 बिलियन डॉलर रहा।
तेजी से बढ़ती कंपनी, जिसने दुनिया को चौंकाया
इंडिगो ने 2006 में संचालन शुरू किया था, जबकि डेल्टा 1929 से उड़ान भर रही है। मात्र छह साल पहले, जहां इंडिगो का मार्केट कैप 7.72 बिलियन डॉलर था, वहीं डेल्टा का 36.67 बिलियन डॉलर।
एविएशन एनालिटिक्स फर्म Cirium के अनुसार, इंडिगो हर हफ्ते 15,768 फ्लाइट्स ऑपरेट करती है, जो पिछले साल की तुलना में 12.7% अधिक है। डेल्टा की तुलना में भले ही यह आंकड़ा आधा हो (35,144 फ्लाइट्स/हफ्ता), पर ग्रोथ रेट के मामले में इंडिगो आगे है।
फ्लीट साइज और भविष्य की तैयारी
2024 के अंत तक इंडिगो के पास 437 एयरक्राफ्ट थे और उसने 2035 तक 925 नए एयरबस विमानों का ऑर्डर फाइनल कर दिया है। जून 2023 में इंडिगो ने दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट ऑर्डर देकर 500 A320neo विमानों की डील की थी।
इसके अलावा कंपनी ने जनवरी 2024 में 30 A350 वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट का भी ऑर्डर दिया था, जो इंटरनेशनल नेटवर्क विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
वित्तीय प्रदर्शन और चुनौतियां
हालांकि इंडिगो ने Q3FY25 में 2,449 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, यह आंकड़ा 18.6% कम है पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले। इसके बावजूद कंपनी ने पिछली तिमाही के 987 करोड़ के घाटे से मजबूत वापसी की है।
कंपनी का रेवेन्यू 13.7% बढ़कर ₹22,110 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹19,452 करोड़ था।








