लखनऊ में 1 नवंबर से हर घर सीवर कनेक्शन की जांच

  • लखनऊ में 1 नवंबर से हर घर सीवर कनेक्शन की जांच
  • नियम उल्लंघन पर जुर्माने की अलग-अलग दरें तय
  • निजी ऑपरेटर सिर्फ जलकल विभाग के साथ काम कर सकेंगे

लखनऊ। नगर निगम का जलकल विभाग शहर के हर घर में सीवर कनेक्शन की जांच शुरू करने जा रहा है। 1 नवंबर से शुरू होने वाली इस कार्रवाई के तहत जिन घरों के सेप्टिक टैंक का कनेक्शन सीवर लाइन से नहीं होगा, उनके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा।

शहरी क्षेत्र में निजी वेंडर से काम नहीं होगा

महाप्रबंधक जलकल कुलदीप सिंह ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र का करीब 1/3 हिस्सा अभी तक सेंट्रलाइज्ड सीवर से जुड़ा नहीं है। शहर में सीवर से संबंधित सभी कार्य अब केवल जलकल विभाग के माध्यम से ही होंगे। प्राइवेट वेंडर द्वारा यह काम नहीं कराया जा सकेगा।

जुर्माने की दरें और नियम

सीवर कनेक्शन नहीं कराने पर पहली बार में 200 रुपए, दूसरी बार में 500 रुपए जुर्माना होगा। तीसरी बार में प्रतिदिन 50 रुपए प्रतिदिन का जुर्माना वसूला जाएगा। खुले में सीवर का मलबा डालने पर 5,000 रुपए का जुर्माना लगेगा। 1 नवंबर से जांच शुरू होगी और नागरिकों को एक महीने के अंदर सेप्टिक टैंक को सीवर लाइन से जोड़ना होगा।

निजी ऑपरेटर सिर्फ जलकल के साथ

जलकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निजी ऑपरेटर अक्सर सेप्टिक टैंक की सफाई के बाद गंदगी आसपास के जमीन या खेतों में छोड़ देते थे, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता था। अब निजी ऑपरेटर केवल जलकल विभाग के साथ जुड़कर ही कार्य कर सकेंगे।

Back to top button