- नैनी के लेप्रोसी चौराहे पर सुबह 5:30 बजे हुआ हादसा
- डंपर ने बाइक सवार मां-बेटे को पीछे से मारी टक्कर
- छत्तीसगढ़ में तैनात आईपीएस मयंक मिश्रा के चाचा और दादी थे मृतक
प्रयागराज। नैनी क्षेत्र के लेप्रोसी चौराहे पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में छत्तीसगढ़ में तैनात आईपीएस अधिकारी मयंक मिश्रा के चाचा और दादी की मौत हो गई। दोनों बाइक से प्रयागराज रेलवे स्टेशन जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक डंपर लेकर मौके से फरार हो गया।
इलाज के लिए जा रहे थे लखनऊ
मृतक की पहचान 55 वर्षीय कृष्ण बिहारी मिश्रा और उनकी 75 वर्षीय मां उषा देवी के रूप में हुई है। दोनों नैनी के पीडीए कॉलोनी में रहते थे। उषा देवी की त्वचा संबंधी बीमारी का इलाज लखनऊ के पीजीआई में चल रहा था। बेटा उन्हें बाइक से रेलवे स्टेशन ले जा रहा था, जहां से दोनों लखनऊ जाने वाले थे। परिजनों ने बताया कि उषा देवी पहले भी तीन बार इलाज के लिए पीजीआई जा चुकी थीं।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि उषा देवी 10 फीट दूर जा गिरीं
गवाहों के अनुसार, पुलिस चेकिंग के दौरान डंपर को रुकने का इशारा किया गया था। चालक ने पहले गाड़ी धीमी की, फिर भागने की नीयत से रफ्तार बढ़ा दी। इसी दौरान बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कृष्ण बिहारी का सिर डिवाइडर से टकराया, जबकि उषा देवी करीब 10 फीट दूर जाकर गिरीं।
मृतकों का पारिवारिक परिचय
कृष्ण बिहारी प्रयागराज के मानिकपुर स्थित एक प्राइमरी स्कूल में शिक्षक थे, जबकि उनके बड़े भाई शारदा मिश्रा मध्य प्रदेश में अध्यापक हैं। मृतक के बेटे मयंक मिश्रा छत्तीसगढ़ में आईपीएस पद पर तैनात हैं। परिवार में पत्नी सरिता देवी और तीन बच्चे—निमिषा (18), प्रतिक्षा (15) और कार्तिक (12)—वर्तमान में नैनी में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
हादसे के बाद लगा लंबा जाम, जांच में अवैध वसूली की बात भी सामने आई
हादसे के बाद चौराहे पर जाम लग गया और भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। नैनी इंस्पेक्टर बृज किशोर गौतम ने बताया कि फरार डंपर चालक की तलाश की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में अवैध वसूली की शिकायत भी सामने आई है, जिसकी जांच कराई जा रही है।








