क्या मेलानिया ट्रम्प की व्हाइट हाउस में कमी है एक रणनीति?

  • मेलानिया ट्रम्प की व्हाइट हाउस में अनुपस्थिति, क्या है इसके पीछे की असली वजह?
  • डोनाल्ड ट्रम्प की पत्नी मेलानिया का निजी जीवन, व्हाइट हाउस से दूरी और नए प्रोजेक्ट्स
  • मेलानिया ट्रम्प की क्रिप्टोकरेंसी, एक नई दिशा में उनकी पहचान बनाने की कोशिश

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शपथ ग्रहण के 110 दिन बीत चुके हैं, लेकिन फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प ने इस दौरान सिर्फ 14 दिन ही व्हाइट हाउस में बिताए हैं। मेलानिया अपने क्रिप्टोकरेंसी प्रोजेक्ट और डॉक्यूमेंट्री डील पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जिसके चलते वह ज्यादातर समय न्यूयॉर्क में रहती हैं।

पोर्न स्टार केस के बाद तनाव?

ट्रम्प पर पोर्न स्टार को हश मनी देने के मामले में कोर्ट की कार्यवाही के दौरान मेलानिया ने उनका साथ नहीं दिया। वह चुनाव प्रचार में भी शामिल नहीं हुईं। हाल ही में पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार से लौटते समय मेलानिया का 55वां जन्मदिन था, लेकिन ट्रम्प से मुलाकात के बाद दोनों अलग-अलग रास्ते पर निकल गए।

बेटे बैरन की देखभाल प्राथमिकता

मेलानिया ने कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता मां और पत्नी की भूमिका निभाना है। 19 वर्षीय बेटे बैरन की देखरेख के लिए वह न्यूयॉर्क में ज्यादा वक्त बिता रही हैं। हालांकि, उन्होंने व्हाइट हाउस की ईस्ट विंग में अपनी टीम नियुक्त की है, लेकिन खुद कम ही दिखती हैं। इसकी वजह से राष्ट्रपति ट्रम्प को फर्स्ट लेडी की भूमिका भी निभानी पड़ रही है, जैसे टूर ग्रुप्स से मिलना या महिलाओं के कार्यक्रम आयोजित करना।

पारंपरिक बैठक में भी नहीं पहुंची थीं मेलानिया

राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद ट्रम्प जब व्हाइट हाउस में जो बाइडेन से मिलने गए, तो मेलानिया उनके साथ नहीं गईं। इस बैठक के लिए फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन ने उन्हें हाथ से लिखा निमंत्रण भेजा था, लेकिन मेलानिया ने एक बुक लॉन्च के कारण इनकार कर दिया।

क्रिप्टोकरेंसी और डॉक्यूमेंट्री डील

जनवरी में मेलानिया ने अपनी खुद की क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च की। साथ ही, उन्होंने अमेजन के साथ 40 मिलियन डॉलर की एक डॉक्यूमेंट्री डील की है, जो फर्स्ट लेडी के जीवन के ‘बिहाइंड द सीन्स’ पहलुओं पर आधारित होगी। विश्लेषकों का मानना है कि मेलानिया अब अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहती हैं।

भविष्य अनिश्चित

मेलानिया ने कहा है कि वह व्हाइट हाउस में रहेंगी, लेकिन जरूरत पड़ने पर न्यूयॉर्क या पाम बीच भी जाएंगी। हालांकि, उनकी अनुपस्थिति और निजी प्रोजेक्ट्स को देखते हुए सवाल उठ रहे हैं कि क्या वह इस कार्यकाल में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

Related Posts

इस्लामाबाद के शिया इमामबाड़े में जुमे की नमाज़ के दौरान धमाका

इस्लामाबाद (पाकिस्तान)। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के तर्लाई कालान इलाके में शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के दौरान शिया समुदाय के इमामबाड़ा में एक आत्मघाती धमाका हुआ, जिसमें बड़ी संख्या…

Continue reading
पाकिस्तान के JF-17 फाइटर जेट्स की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ी

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को कहा कि भारत के साथ मई 2025 में हुए संघर्ष के बाद पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों की मांग बढ़ गई है।…

Continue reading