- सीजफायर के बाद भारत-पाकिस्तान के तनाव में कमी, सेना की प्रतिक्रिया
- भारत और पाकिस्तान के सीजफायर के ऐलान के बाद रक्षा मंत्रालय का बयान
- पाकिस्तान द्वारा फैलाई गई गलत सूचनाओं का भारतीय सेना ने किया खंडन
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा के बाद शनिवार शाम रक्षा मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पाकिस्तान की “झूठी प्रोपेगंडा मुहिम” को खारिज किया। सेना ने साफ किया कि भारतीय सैन्य ठिकाने सुरक्षित हैं और कोई नुकसान नहीं हुआ है।
9 मिनट की ब्रीफिंग में सेना का सख्त रुख
रक्षा मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्मी की कर्नल सोफिया कुरैशी, एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और नेवी के कमोडोर रघु आर नायर ने हिस्सा लिया।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने पाकिस्तान के झूठे दावों को किया खारिज
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पाकिस्तान का दावा कि उसने भारत के एस-400 और ब्रह्मोस मिसाइल बेस को नुकसान पहुंचाया, पूरी तरह झूठ है।
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पाकिस्तान का यह कहना कि उसने सिरसा, जम्मू, पठानकोट और भुज की एयरफील्ड्स पर हमला किया, बिल्कुल गलत है।
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चंडीगढ़ और ब्यास के हथियार डिपो पर हमले का दावा भी फर्जीवाड़ा है।
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भारत ने पाकिस्तान के स्कर्दू, जकूबाबाद, सरगोदा और बुलारी एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचाया।
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हमने पाकिस्तान के एयर डिफेंस, रडार सिस्टम और कमांड सेंटर्स को ध्वस्त किया।
स्पष्ट चेतावनी: भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है। अगर फिर कोई हमला हुआ, तो हम मुंहतोड़ जवाब देंगे।
कमोडोर रघु आर नायर ने दी स्पष्ट चेतावनी
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भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना मातृभूमि की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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पाकिस्तान की किसी भी गलत हरकत का सख्त जवाब दिया जाएगा।
अमेरिकी मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम
विदेश सचिव ने बताया कि शनिवार शाम 5 बजे से सीजफायर लागू हो गया है। दोनों देश अब जमीन, आकाश और समुद्र से हमले नहीं करेंगे। 12 मई को दोपहर 12 बजे भारत-पाकिस्तान के DGMO आपस में बातचीत करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट कर कहा, “अमेरिका की मध्यस्थता में लंबी वार्ता के बाद भारत और पाकिस्तान ने तुरंत युद्धविराम पर सहमति जताई। मैं दोनों देशों के नेतृत्व को बधाई देता हूं।”
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पिछले 48 घंटों में PM मोदी, पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ और अन्य अधिकारियों से बातचीत की थी।
पाकिस्तान ने भी दिया बयान
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा, “हमने हमेशा शांति का रास्ता अपनाया है। पाकिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा करते हुए शांति के लिए प्रयासरत रहेगा।”
क्या आगे होगा?
- 12 मई को DGMO वार्ता – दोनों देशों के सैन्य अधिकारी सीमा स्थिति पर चर्चा करेंगे।
- अंतरराष्ट्रीय दबाव – अमेरिका, UN और अन्य देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
- भारत की तैयारी – सेना ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।







