- पीड़ित ने एसपी कार्यालय से भी की शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
- पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल, पीड़ित पहुंचा कोर्ट
- पट्टे की भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद, जातिगत टिप्पणी का आरोप
अम्बेडकरनगर। गांव महमदपुर कपुरी में एक पट्टा भूमि पर सफाई कर रहे व्यक्ति के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मारपीट की घटना हुई। पीड़ित ने पुलिस पर केस दर्ज न करने का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
क्या हुआ था?
शिकायतकर्ता रामकुशल ने बताया कि उसे गांव की गाटा संख्या-204 पर एक विस्वा आवासीय पट्टा मिला है, जिस पर वह कब्जा कर रहा था। 19 फरवरी की सुबह सात बजे जब वह जमीन की सफाई कर रहा था, तभी मूलचंद (आरोपी, पटना मुबारकपुर निवासी) वहां पहुंचा और उसे काम रोकने को कहा। रामकुशल के विरोध करने पर मूलचंद ने जातिसूचक गालियां देते हुए उसे लात-डंडों से पीटा।
जब रामकुशल की पत्नी ज्ञानकली मौके पर पहुंची, तो उसे भी मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति शांत हुई।
पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर?
रामकुशल का आरोप है कि उसने घटना की सूचना बसखारी थाने को दी, लेकिन पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की और न ही उसका मेडिकल परीक्षण कराया। 20 फरवरी को उसने खुद सीएचसी अकबरपुर में मेडिकल जांच कराई और 22 फरवरी को एसपी कार्यालय को शिकायत भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय में केस दायर किया है।
अब क्या चल रहा है?
मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में है। पीड़ित ने न्यायालय से पुलिस को मजबूर करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग उठ रही है।
स्थानीय पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस घटना पर बसखारी थाना प्रभारी या जिला पुलिस प्रमुख की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।








