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राजनीतिक घमासान: ममता बनर्जी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप
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पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग: VHP और भाजपा की प्रतिक्रिया
- हिंसा के पीछे बांग्लादेशी कनेक्शन? जांच की मांग बढ़ी
कोलकाता। शनिवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद का दौरा किया और वहां पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, “यह मेरे पिछले दौरे का विस्तार है। मैं आज और स्थानों पर जाऊंगा और प्रभावितों से मिलूंगा।” राज्यपाल ने हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार से भी मुलाकात की और उन्हें सीधे संपर्क करने के लिए फोन नंबर मुहैया कराया। साथ ही, उन्होंने पीड़ितों के लिए प्रभावी कदम उठाने का वादा किया।
राष्ट्रीय महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग का दौरा
मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा की स्थिति पर नजर रखने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की टीमें भी पहुंचेगी। शुक्रवार को मालदा में राज्यपाल ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की बताई और कहा कि अगर राज्य को मदद की आवश्यकता होती है, तो केंद्र बल भेजने के लिए तैयार है। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार को स्थिति पर रिपोर्ट सौंपने की बात भी कही।
हिंसा और दावों का विवाद
वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात के बाद कहा, “इन लोगों के दर्द को शब्दों में नहीं बांधा जा सकता।” NCW की सदस्य अर्चना मजूमदार ने भी कहा कि उन्होंने महिलाओं से सुना, जिन्होंने अपने पतियों और बेटों को खो दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार को इस हिंसा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और ममता बनर्जी की चिंता
वहीं, पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक अग्निमित्र पॉल ने इस हिंसा को ‘आंखें खोलने वाला’ बताया और जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की मांग की। पॉल ने कहा, “क्या यह सीरिया, अफगानिस्तान या पाकिस्तान है?” वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल से दौरा स्थगित करने का अनुरोध किया था, और कहा कि गैर-स्थानीय लोगों को मुर्शिदाबाद का दौरा नहीं करना चाहिए।







