- जेनसोल के CFO जाबिरमेहंदी ने दिया इस्तीफा
- कंपनी पर कई रेगुलेटरी जांचें चल रही हैं
- NCLT में दिवालिया याचिका की अगली सुनवाई 3 जून को
नई दिल्ली। जेनसोल इंजीनियरिंग के प्रमोटर्स के इस्तीफे के बाद कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) जाबिरमेहंदी मोहम्मदराजा आगा ने भी तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। यह जानकारी स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई है। अपने रेजिग्नेशन लेटर में आगा ने कहा कि कंपनी वर्तमान में कई रेगुलेटरी जांचों और टॉप मैनेजमेंट के इस्तीफों के कारण गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने बताया कि लगातार बढ़ते दबाव ने उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर असर डाला है, जिसके चलते उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
दिवालिया कार्यवाही की याचिका पर NCLT में सुनवाई 3 जून को
इधर, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने जेनसोल इंजीनियरिंग के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही की याचिका पर सुनवाई की तारीख 3 जून निर्धारित की है। इरेडा ने 14 मई को कंपनी पर 510 करोड़ रुपए के डिफॉल्ट के लिए याचिका दायर की थी। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने फिलहाल अंतरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) नियुक्त करने से इनकार किया है और कंपनी को जवाब देने का मौका दिया है।
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प्रमोटर्स के खिलाफ गंभीर आरोप और सेबी की सख्त कार्रवाई
12 मई को कंपनी के को-फाउंडर अनमोल जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी ने अपने निदेशक पद से इस्तीफा दिया था। सेबी ने दोनों पर फंड डायवर्जन और हेराफेरी के आरोप लगाते हुए उन्हें कंपनी में प्रमुख पदों पर रहने से रोका था। जांच में पाया गया कि प्रमोटर्स ने कंपनी के फंड का निजी उपयोग किया और शेयर बाजार में भी कई गड़बड़ियां हुईं। सेबी ने कहा कि कंपनी में कॉर्पोरेट गवर्नेंस पूरी तरह विफल हो चुका है। जेनसोल के शेयर मूल्य में 2025 में अब तक 90% से अधिक की गिरावट आई है।








