- कटघर मूसा गांव में ईद ए मिलादुन्नबी का भव्य जलसा
- तिलावते कलाम पाक से हुआ कार्यक्रम का आगाज़
- मौलाना वासिल अख्तर अशरफी ने पैगंबर की सीरत पर रखा विचार
हजपुरा (अंबेडकर नगर)। कटघर मूसा गांव में रविवार रात को जश्ने ईद ए मिलादुन्नबी के मौके पर एक भव्य और रोशन जलसे का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अंजुमन फैजाने रसूल के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिला। जामा मस्जिद से लेकर जलसे के मंच तक के इलाके को रंगीन रोशनी, झंडियों और चिरागों से सजाया गया।
तिलावते कलाम पाक से हुआ आगाज़
कार्यक्रम का शुभारंभ रात 8 बजे हाफिज कलीमुल्लाह की तिलावते कलाम पाक से हुआ। उनके द्वारा पढ़ी गई आयतों ने माहौल को रूहानी बना दिया। इसके बाद अंजुमन फैजाने रसूल के कार्यकर्ताओं ने मंच संचालन की कमान संभाली और वक्ताओं व नातख्वानों को आमंत्रित किया।
मौलाना वासिल अख्तर अशरफी ने रखे विचार
मुख्य वक्ता मौलाना वासिल अख्तर अशरफी ने हजरत मोहम्मद साहब की सीरत (जीवनचरित्र) पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “पैगंबर मोहम्मद साहब का जीवन मानवता के लिए आदर्श है। उन्होंने न केवल सामाजिक बुराइयों का विरोध किया, बल्कि इंसानियत, भाईचारे और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।”
मौलाना ने आगे कहा कि, “हजरत मोहम्मद साहब ने हमेशा सादगी, सच्चाई और दयालुता को अपनाया। उन्होंने महिलाओं के सम्मान और गरीबों की मदद को सबसे ऊपर रखा। आज के दौर में भी यदि उनके बताए रास्ते पर चला जाए, तो समाज में अमन और इंसाफ कायम हो सकता है।”








