- वकील अखिलेश दुबे का फर्जी रेप केस सिंडिकेट बेनकाब
- लड़कियां सप्लाई करने वाला टोनू यादव दिल्ली से गिरफ्तार
- लड़कियों से कराता था झूठे रेप केस, वसूली में करता था इस्तेमाल
कानपुर। कानपुर पुलिस ने फर्जी रेप केस दर्ज कराकर वसूली करने वाले वकील अखिलेश दुबे गैंग का बड़ा पर्दाफाश किया है। शनिवार देर रात क्राइम ब्रांच ने शैलेंद्र यादव उर्फ टोनू को दिल्ली से एक लड़की के साथ गिरफ्तार किया। टोनू वही शख्स है जो दुबे को लड़कियां सप्लाई करता था और उनके जरिए झूठे रेप के केस दर्ज कराता था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह लड़की अखिलेश दुबे के कहने पर कई फर्जी रेप के मुकदमे दर्ज करा चुकी है। पुलिस को शक है कि पूरे गैंग में कई महिलाएं, वकील और संगठन से जुड़े लोग शामिल हैं।
कैसे चलता था गैंग का नेटवर्क
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अखिलेश दुबे लड़कियों को फर्जी मुकदमे दर्ज कराने के लिए 50,000 से 2 लाख रुपए तक देता था।
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नाबालिग लड़कियों को 5 लाख तक का ऑफर किया गया।
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मुकदमों में लड़कियों का सही पता नहीं लिखा जाता था।
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कोर्ट और पुलिस ऑर्डर का फायदा उठाकर केस दर्ज कराए जाते थे।
टोनू की गिरफ्तारी से खुला राज
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टोनू यादव अखिलेश के लिए उस्मानपुर कच्ची बस्ती से लड़कियां लाता था।
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इन लड़कियों के जरिए बड़े रसूखदारों और जमीन विवाद में फर्जी मुकदमे लिखवाकर वसूली की जाती थी।
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दुबे ने SIT बनने के बाद लड़कियों को छत्तीसगढ़ शिफ्ट कर दिया था और उनके रहने-खाने का इंतजाम किया था।
अधिवक्ता गैंग के काले कारनामे
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एसआईटी जांच में 54 फर्जी रेप केस मिले, जिनमें 10 से 12 सीधे दुबे से जुड़े।
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भाजपा नेता रवि सतीजा से संपत्ति विवाद में दबाव बनाने के लिए झूठा रेप केस दर्ज कराया।
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पुलिस पूछताछ में कई नेताओं, वकीलों और संगठन के लोगों के नाम सामने आए हैं।
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महिला जिलाध्यक्ष तक शामिल, पिता-पुत्र नेता भी दुबे के लिए काम करते थे।
दुबे के रसूख का अंदाजा
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कई आईपीएस और पीपीएस अफसर दुबे के पैर छूते थे।
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एक आईजी रैंक के अफसर के समय सबसे ज्यादा पकड़ बनी।
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दरोगा और इंस्पेक्टर स्तर पर बड़ी लॉबी उसके इशारे पर काम करती थी।
फिलहाल क्या हो रहा है?
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पुलिस टीम यूपी के कई जिलों और छत्तीसगढ़ में दबिश दे रही है।
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जल्द पूरे सिंडीकेट का खुलासा होगा।
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गिरफ्तार टोनू ने पूछताछ में कई बड़े नाम बताए हैं।








