- INS सुजाता ने अंतिम तीन क्रू मेंबर्स को भी रेस्क्यू किया
- पॉल्यूशन रिस्पॉन्स के लिए कोस्ट गार्ड ने निगरानी शुरू की
- ऑयल स्पिल रोकने के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस विमान तैनात
नई दिल्ली। केरल के कोच्चि तट से करीब 38 समुद्री मील दूर लाइबेरिया का मालवाहक जहाज़ MSC एल्सा 3 शनिवार को अरब सागर में डूब गया। शिप पर मौजूद 24 क्रू मेंबर्स को इंडियन कोस्ट गार्ड और नेवी ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित बचा लिया। शिप पर 640 कंटेनर लदे थे, जिनमें कैल्शियम कार्बाइड, डीज़ल और फर्नेस ऑयल समेत कई खतरनाक रसायन भरे थे।
23 मई को रवाना हुआ था जहाज, अगले दिन झुकाव के बाद अलर्ट जारी
MSC एल्सा 3 ने 23 मई को केरल के विझिनजाम पोर्ट से कोच्चि के लिए यात्रा शुरू की थी। 24 मई को दोपहर करीब 1:25 बजे जहाज के 26 डिग्री तक एक तरफ झुकने की खबर आई। खतरे की सूचना मिलते ही कोच्चि में कोस्ट गार्ड के मरीन रेस्क्यू सब सेंटर (MRSC) ने रेस्क्यू मिशन शुरू कर दिया।
देर रात तक 21 क्रू मेंबर रेस्क्यू, बाकी 3 जहाज पर डटे रहे
शुरुआती बचाव कार्य में रूस, यूक्रेन, जॉर्जिया और फिलीपींस के 21 क्रू मेंबर्स को बचा लिया गया। जहाज को डूबने से बचाने की कोशिश में तीन सीनियर क्रू मेंबर जहाज पर ही रुके। लेकिन झुकाव लगातार बढ़ता गया और आज जहाज पूरी तरह डूब गया। नेवी के जहाज INS सुजाता ने बाकी तीनों सदस्यों को भी सुरक्षित निकाल लिया।
ऑयल रिसाव रोकने की तैयारी शुरू, निगरानी तेज
शिप पर डीज़ल और अन्य हानिकारक पदार्थ होने के कारण कोस्ट गार्ड ने तटीय प्रदूषण रोकने की तैयारी शुरू कर दी है। समुद्र में तेल रिसाव की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीकों से लैस विमान तैनात किए गए हैं। अभी तक किसी तरह के ऑयल स्पिल की पुष्टि नहीं हुई है।
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फिलहाल डूबने की वजह स्पष्ट नहीं
जहाज़ के एक तरफ झुकने और फिर डूबने की वास्तविक वजह का अभी तक पता नहीं चला है। विशेषज्ञों की टीम अब जहाज़ के डूबने के कारणों की जांच करेगी।








