अम्बेडकरनगर। विधिक सेवा दिवस एवं विधिक सेवा सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर रविवार को जिला कारागार अम्बेडकरनगर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव भारतेंदु प्रकाश गुप्ता ने की। उन्होंने बंदियों को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा न्याय तक समान पहुंच के महत्व पर प्रकाश डाला।
हर नागरिक तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना उद्देश्य
अपर जिला जज भारतेंदु प्रकाश गुप्ता ने बताया कि हर वर्ष 9 नवंबर को विधिक सेवा दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर गरीब और वंचित वर्गों तक न्याय की समान पहुंच सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि इस दिवस की शुरुआत वर्ष 1995 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई थी, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने कहा कि संविधान न्याय की समानता और अवसर की समान पहुंच का अधिकार प्रत्येक नागरिक को प्रदान करता है। इसलिए, विधिक सेवा प्राधिकरणों की यह जिम्मेदारी है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या सामाजिक स्थिति के कारण न्याय से वंचित न रह जाए।
इस वर्ष की थीम: न्याय तक समाज की पहुंच और सशक्तिकरण
वर्ष 2025 में विधिक सेवा दिवस की थीम ‘न्याय तक समाज की पहुंच सुनिश्चित करना और कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना’ निर्धारित की गई है।
इस थीम के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की ओर से जिले में जागरूकता कार्यक्रम, विधिक शिविर और संवाद सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जा रही है।








