- बहरामपुर स्थित सम्मो माता मंदिर में प्रेमी युगल ने रचाया विवाह
- गांव व परिजनों के विरोध के बावजूद निभाया प्यार का वादा
- वैदिक रीति से पुजारी ने कराई शादी, स्थानीय लोग बने साक्षी
अम्बेडकरनगर।आलापुर तहसील क्षेत्र के बहरामपुर स्थित प्रसिद्ध सम्मो माता मंदिर मंगलवार को उस समय चर्चाओं का केंद्र बन गया जब एक प्रेमी युगल सामाजिक परंपराओं की दीवार लांघकर विवाह रचाने पहुंचा। स्थानीय लोगों के बीच यह विवाह कौतूहल और बातचीत का विषय बना रहा।
जानकारी के अनुसार, टांडा तहसील के मुरलीपुर गांव निवासी गुड्डू कुमार और उसी गांव की कविता (परिवर्तित नाम) के बीच तीन वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे से विवाह करना चाहते थे, लेकिन चूंकि दोनों एक ही गांव के निवासी हैं, इसलिए ग्राम समाज व परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। सामाजिक परंपराओं का हवाला देकर परिजनों ने इस प्रेम विवाह को मान्यता देने से इनकार कर दिया।
परिजनों की सख्त नाराजगी और ग्रामीणों की नाराजगी के बावजूद प्रेमी युगल ने अपने प्रेम को मंज़िल तक पहुंचाने का निर्णय लिया। मंगलवार को दोनों आलापुर क्षेत्र के बहरामपुर गांव स्थित आस्था के केंद्र सम्मो माता मंदिर पहुंचे, जहां मंदिर के पुजारी ने वैदिक विधियों से विवाह संपन्न कराया। इस दौरान कुछ स्थानीय लोगों की उपस्थिति में दोनों ने एक-दूजे को वरमाला पहनाई और जीवनभर साथ निभाने की कसमें खाईं।
शादी के बाद प्रेमी युगल ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि परिजन और ग्रामीण उनके वैवाहिक जीवन को खतरे में डाल सकते हैं। मामले की जानकारी क्षेत्र भर में फैल गई है और यह गांव से लेकर तहसील तक चर्चा का विषय बना हुआ है।








