- चश्मदीद बोले – पहले हल्की आवाज आई, फिर धंसी सड़क
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चार फुट गहरे गड्ढे से वाहन चालकों में मचा हड़कंप
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नगर निगम की लापरवाही फिर आई सामने?
लखनऊ। गुरुवार को राजधानी लखनऊ के व्यस्त और पॉश इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सहारा गंज मॉल के सामने अचानक सड़क धंस गई। सड़क के बीचोबीच करीब चार फुट से अधिक गहराई का गड्ढा बन गया, जिससे ट्रैफिक की रफ्तार थम गई और वाहनों की लंबी कतार लग गई।
घटना स्थल से पुलिस कमिश्नर का आवास कुछ ही दूरी पर स्थित है। सड़क धंसने के बाद ट्रैफिक डायवर्जन न होने के चलते जाम की स्थिति बनी रही। फरियादियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नगर निगम ने शुरू किया मरम्मत कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम की टीम जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंची और खुदाई शुरू की। जोन-1 के जोनल अधिकारी किशोरी लाल भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। सड़क की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है।
चैंबर से सरकी मिट्टी, पानी का रिसाव बना कारण
जेसीबी से खुदाई के दौरान चैंबर के अंदर मिट्टी सरकी हुई पाई गई। अधिकारियों का कहना है कि बिजली के तार या पाइप डालने के दौरान पानी का रिसाव हुआ है, जिससे मिट्टी धंस गई। चैंबर के अंदर पानी भी भरा मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि पास में बह रहे नाले से यह पानी आ रहा है।
PWD की टीम ने किया निरीक्षण
घटना की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी की टीम भी निरीक्षण के लिए पहुंची, लेकिन कुछ ही देर में मौके से लौट गई। नगर निगम की टीम ने बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक सड़क की मरम्मत में करीब 15 दिन लग सकते हैं।
विकास नगर में भी हुई थी ऐसी ही घटना
गौरतलब है कि चार महीने पहले विकास नगर इलाके में भी इसी तरह की घटना हुई थी। वहां अचानक सड़क धंसने से 29 फीट लंबा, 19 फीट चौड़ा और 36 फीट गहरा गड्ढा बन गया था। तब भी इलाके को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया था।
सड़क धंसने से पहले का एक CCTV वीडियो भी सामने आया था, जिसमें रात करीब 3 बजे एक डंपर के गुजरने के कुछ ही देर बाद सड़क बैठती दिखी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो वर्षों में इस इलाके में पांच बार सड़क धंस चुकी है।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
लगातार सड़क धंसने की घटनाओं से नगर निगम और पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सीवर और ड्रेनेज सिस्टम की समय पर जांच और मरम्मत न होने से इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं।








