अम्बेडकरनगर। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है, जिससे पहले योजना से बाहर रहे उपभोक्ताओं को भी अब लाभ मिलेगा। इस बदलाव के बाद 31 मार्च के बाद एक भी किस्त जमा करने वाले उपभोक्ता भी योजना के दायरे में आ गए हैं।
योजना के लिए पंजीयन 11 दिसंबर से शुरू होगा और जिले के लगभग एक लाख उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर इस संशोधन का फायदा मिलेगा।
पहले सिर्फ ‘नेवर पेड’ उपभोक्ता थे पात्र
पहले ओटीएस योजना केवल उन उपभोक्ताओं के लिए थी जिन्होंने कभी भी विद्युत बिल का भुगतान नहीं किया था। इस कारण अकबरपुर, जलालपुर, टांडा और आलापुर डिवीजन से जुड़े वे उपभोक्ता जिनके पास कुछ बिलों का भुगतान इतिहास था, योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे थे।
संशोधन के बाद अब वे सभी उपभोक्ता जिनोंने 1 अप्रैल से 30 नवंबर के बीच बिल जमा किया है, वे भी मूलधन पर 25 प्रतिशत की छूट और ब्याज की पूरी माफी का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
11 दिसंबर से शुरू होगा पंजीयन
अधीक्षण अभियंता रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक जिन उपभोक्ताओं को नियमों के कारण ओटीएस से वंचित रहना पड़ रहा था, वे भी इस योजना से लाभान्वित होंगे।
उन्होंने कहा,
“यह बदलाव उपभोक्ताओं के हित में किया गया है। अब अधिक से अधिक लोग बिलों की लंबित राशि को कम करके साफ कर सकते हैं और बिजली विभाग पर आर्थिक दबाव भी कम होगा।”
उपभोक्ताओं में दिखा योजना को लेकर बढ़ता रुझान
संशोधित जानकारी सामने आते ही बुधवार से जिले के सभी बिजली बिल काउंटरों और 46 गांवों में लगे बिल जमा शिविरों पर उपभोक्ताओं की भीड़ नजर आई। सुबह से शाम तक लोग पंजीयन और जानकारी के लिए पहुंचते रहे।








