मथुरा। मथुरा के गोपी विहार कॉलोनी में बुधवार देर रात एक रिटायर्ड BSF सैनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। 56 वर्षीय विनोद पांडेय का शव उनके घर की रसोई में औंधे मुंह पड़ा मिला। हाथ-पैर बंधे हुए थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। शव पर चोट के कई निशान मिले हैं, जिससे पुलिस लूट के बाद हत्या की आशंका जता रही है।
साधु की आवाज पर नहीं मिला जवाब, अंदर जाकर देखी लाश
गुरुवार सुबह पास में रहने वाले साधु विष्णुदास बाबा ने जब विनोद पांडेय को दिनभर घर से बाहर न निकलते देखा तो उन्हें आवाज लगाई। कोई जवाब नहीं मिलने पर जब वह अंदर गए तो रसोई में शव देखकर चिल्ला उठे। उन्होंने मोहल्ले वालों को बुलाया और फिर पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। SP देहात सुरेश चंद रावत समेत फोरेंसिक टीम और आला अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। कमरे और घर के आसपास का पूरा इलाका सील कर दिया गया।
अलमारी टूटी, गहने और वाहन गायब
पुलिस को मौके से अलमारी खुली और घर का सामान बिखरा मिला। राधारानी की पूजा में उपयोग होने वाले वस्त्र और श्रृंगार का सामान भी अस्त-व्यस्त था। घर में रखी स्कूटी और बाइक भी गायब मिली है। घर में किसी जबरन घुसने के निशान नहीं मिले, जिससे आशंका है कि हमलावर जान-पहचान वाले हो सकते हैं।
BSF से लिया था स्वैच्छिक रिटायरमेंट, पूजा-पाठ में बिताते थे समय
विनोद पांडेय मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रहने वाले थे। करीब 25 वर्षों से मथुरा में रह रहे थे। राधारानी में गहरी आस्था के चलते उन्होंने BSF की नौकरी से ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी और अपना नाम बदलकर ‘विनोद कृष्ण दास’ रख लिया था। वह नियमित रूप से भजन-पूजन में समय बिताते थे। करीब 8 महीने पहले ही वे पाल कॉलोनी से गोपी विहार कॉलोनी स्थित नए मकान में शिफ्ट हुए थे।
कॉलोनी नई, आसपास अधिक घर नहीं
पुलिस के अनुसार, गोपी विहार कॉलोनी अभी नई बसावट में है और यहां मकान कम हैं। विनोद पांडेय के मकान के सामने का घर भी बंद है, जिससे आसपास के चश्मदीदों की कमी है।
चार टीमें गठित, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि हत्या के कारणों की जांच की जा रही है। लूट की आशंका के आधार पर जांच तेज कर दी गई है। मोहल्ले वालों के अनुसार, आमतौर पर बाहर खड़ी रहने वाली उनकी बाइक भी अब नहीं दिख रही। पुलिस ने क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है और चार टीमों को मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगाया गया है।








