
- छात्रों को तनाव प्रबंधन के टिप्स
- भावनाएं साझा करने पर जोर
- डिजिटल और वास्तविक जीवन में संतुलन जरूरी
- छात्रों की सक्रिय भागीदारी
अम्बेडकरनगर के महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, सद्दरपुर में गुरुवार को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशों के तहत हुआ। इसमें एमबीबीएस द्वितीय प्रोफेशन के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
प्रतिस्पर्धा के दौर में मानसिक दबाव बड़ी चुनौती
कार्यक्रम में मानसिक विशेषज्ञ डॉ अमित कुमार गुप्ता ने छात्रों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि आज के समय में पढ़ाई और करियर को लेकर दबाव बढ़ा है। ऐसे में मानसिक संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या और सकारात्मक सोच से तनाव को नियंत्रित किया जा सकता है।
भावनाएं साझा करना जरूरी
विशेषज्ञों ने छात्रों को सलाह दी कि वे अपनी समस्याओं को छिपाने के बजाय साझा करें। समय पर मार्गदर्शन लेना मानसिक मजबूती का संकेत है। परिवार और दोस्तों का सहयोग मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
डॉ पारुल यादव ने डिजिटल जीवन और वास्तविक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आत्म-देखभाल को दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है। इससे मानसिक स्थिति बेहतर रहती है।
छात्रों ने खुलकर रखे अपने विचार
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की। कई छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और मानसिक दबाव से जुड़े सवाल पूछे। डॉ सुधांशु चंदेल ने छात्रों की जिज्ञासाओं का सरल तरीके से समाधान दिया।
इससे कार्यक्रम संवादात्मक बना और छात्रों को व्यावहारिक जानकारी मिली। कार्यक्रम में मौजूद अन्य स्टाफ और काउंसलर ने भी छात्रों को मार्गदर्शन दिया।









