- फूलन देवी जैसी हत्या की धमकी” – सांसद पर मंडराता खतरा
- आगरा में हिंसक प्रदर्शन: तलवारें लहराने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं?
- साजिश या सामाजिक तनाव? सुमन के घर हमले के पीछे की सच्चाई
आगरा। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को आगरा पहुंचकर पार्टी सांसद रामजीलाल सुमन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सुमन के स्वास्थ्य और सुरक्षा का हालचाल जाना। सुमन पर हाल ही में हुए हमले और धमकियों के बीच अखिलेश ने उनके साथ खड़े होने का ऐलान किया।
दलित सांसद को धमकियां, साजिश का आरोप
अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैं दलित सांसद रामजीलाल सुमन के साथ खड़ा हूं। उन्हें धमकियां मिल रही हैं, जिसमें कहा गया है कि ‘तुम्हें फूलन देवी की तरह मार दिया जाएगा’। सवाल है कि इन धमकियों के पीछे कौन लोग हैं?” उन्होंने आगरा में हुए “तथाकथित शक्ति प्रदर्शन” पर भी सवाल उठाए और कहा कि “तलवारें लहराई गईं, लेकिन आरोपियों को कार्रवाई का डर नहीं है। सुमन के घर तोड़फोड़ की गई, यह कोई अचानक की गई घटना नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत किया गया हमला है।”
सांसद की सुरक्षा चाक-चौबंद
रामजीलाल सुमन द्वारा राणा सांगा को ‘गद्दार’ कहने के बाद क्षत्रिय समाज और अन्य हिंदू संगठनों के विरोध के बीच उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हरीपर्वत स्थित HIG सोसाइटी, जहां सुमन रहते हैं, के आसपास 800 पुलिस और PAC जवान तैनात किए गए हैं। सोसाइटी में प्रवेश के लिए सख्त गार्डिंग की गई है और केवल उन्हीं लोगों को एंट्री दी जा रही है, जिनके नाम सांसद द्वारा पुलिस को दिए गए हैं।
राजनीतिक तनाव बढ़ा
इस पूरे मामले ने आगरा में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। सपा ने सुमन के खिलाफ हिंसा और धमकियों को “दलित विरोधी मानसिकता” बताया है, जबकि विरोधी संगठनों का आरोप है कि सुमन ने ऐतिहासिक शख्सियतों का अपमान किया है।







