- एनएसएस कैम्प में नमाज विवाद: छात्र और प्रशासन के बीच टकराव
- नमाज पढ़वाने का आरोप: छात्रों ने किया विरोध, धमकियों का लगाया आरोप
- हिंदूवादी संगठनों ने बिलासपुर विश्वविद्यालय का घेराव किया
बिलासपुर। बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित एनएसएस कैम्प में हिंदू छात्रों को जबरन नमाज पढ़ाने का मामला तूल पकड़ गया है। शनिवार को पुलिस ने इस मामले में NSS को-ऑर्डिनेटर दिलीप झा समेत आठ लोगों के खिलाफ कोनी थाने में मामला दर्ज किया। आरोप है कि 155 हिंदू छात्रों को कैम्प में नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया, जबकि इसमें केवल 4 मुस्लिम छात्र थे।
हिंदूवादी संगठनों का विरोध: उग्र आंदोलन की चेतावनी
मामला उजागर होने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने विश्वविद्यालय के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय का घेराव करते हुए कार्रवाई की मांग की और यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
धर्म परिवर्तन का आरोप: छात्रों का ब्रेनवॉश करने का दावा
शिकायत करने वाले छात्रों ने आरोप लगाया कि यह प्रयास छात्रों को मुस्लिम धर्म में कन्वर्ट करने के लिए किया गया था। इसके अलावा, छात्रों का यह भी कहना है कि उन्हें डराया-धमकाया गया और सर्टिफिकेट नहीं देने की धमकी दी गई।
एनएसएस कैंप में योगा के दौरान नमाज का मुद्दा
छात्रों ने अपनी शिकायत में बताया कि एनएसएस कैंप के दौरान जब रोजाना सुबह योगा क्लास लगती थी, तो उन्हें नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था। विरोध करने पर उन्हें डराया गया और अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी दी गई। 31 मार्च को ईद उल फितर के अवसर पर, जब 4 मुस्लिम छात्रों को मंच पर बुलाया गया, बाकी छात्रों को भी नमाज अदा करने का आदेश दिया गया।








