विश्व पृथ्वी दिवस पर वेंक्टेश्वरा में राष्ट्रीय सेमीनार, वृक्षारोपण व डिबेट प्रतियोगिता

  • फर्टिलाइज़र और कीटनाशकों के प्रभाव पर राष्ट्रीय सेमिनार
  • वृक्षारोपण, रैली और डिबेट प्रतियोगिता का आयोजन
  • ग्लोबल वार्मिंग पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता

मेरठ। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में “फसलों में अंधाधुंध केमिकल फर्टिलाइज़र व कीटनाशकों के इस्तेमाल का मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव” विषय पर राष्ट्रीय सेमीनार, वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम, जागरूकता रैली एवं डिबेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को वैश्विक आवश्यकता के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक का मौलिक कर्तव्य बताया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक अध्यक्ष डॉ. सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी एवं कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे ने सरस्वती मां की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डॉ. सुधीर गिरि ने कहा कि प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के कारण ग्लोबल वार्मिंग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है और यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसके विनाशकारी परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने सभी को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार मिश्रा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण अप्रैल माह में ही तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग को कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का कारण बताते हुए जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया। साथ ही जंक फूड और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों के स्थान पर पारंपरिक एवं प्राकृतिक खानपान को अपनाने की सलाह दी।

प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि केवल वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेना भी जरूरी है। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित डिबेट प्रतियोगिता में लगभग 150 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें विजेताओं को मेडल व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

 

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