- KGMU क्वीन मैरी अस्पताल में गर्भवती महिला के इलाज में लापरवाही
- सीनियर और जूनियर डॉक्टरों की राय में विरोध
- मरीज भर्ती होने के 24 घंटे बाद भी इलाज शुरू नहीं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के क्वीन मैरी अस्पताल में गुरुवार को गर्भवती महिला के इलाज में लापरवाही को लेकर भारी हंगामा हो गया। लेबर रूम के बाहर महिला के परिजन और वहां तैनात गार्ड के बीच तीखी बहस हो गई। स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को सुरक्षा कर्मी बुलाने पड़े।
सीनियर और जूनियर डॉक्टरों के बयान में विरोधाभास
गर्भवती महिला के पति का आरोप है कि सीनियर डॉक्टर मरीज की हालत को गंभीर बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दे रहे हैं, जबकि जूनियर डॉक्टर और नर्स नॉर्मल डिलीवरी की बात कह रहे हैं। इस विरोधाभास से परिजन असमंजस में हैं और महिला का इलाज प्रभावित हो रहा है।
24 घंटे बाद भी नहीं हुआ इलाज शुरू
परिजनों के अनुसार, मरीज को बुधवार सुबह से अस्पताल में भर्ती किया गया है लेकिन गुरुवार तक कोई इलाज शुरू नहीं हुआ। परिजन जब डॉक्टर से मिलने की कोशिश करते हैं तो गार्ड उन्हें धक्का देकर भगा देते हैं।
डेढ़ घंटे तक लगाते रहे गुहार
मरीज के पति ने बताया कि वह सुबह से करीब डेढ़ घंटे तक पीआरओ ऑफिस में खड़ा रहा, लेकिन किसी ने भी बात नहीं सुनी। उसने कहा, “अगर इलाज नहीं करना है तो हमें बता दें, हम मरीज को प्राइवेट अस्पताल ले जाएंगे।”
अस्पताल परिसर में हंगामा, तीमारदार बने दर्शक
लेबर रूम के बाहर बढ़ते हंगामे को देख अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में तीमारदार और अन्य मरीजों के परिजन वहां इकट्ठा हो गए। कुछ देर बाद अस्पताल के कई गार्ड मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। गर्भवती महिला को बाद में बड़े डॉक्टरों से बात कराने का भरोसा दिलाया गया।








