कानपुर। स्वास्थ्य मंत्री और उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रयासों के बावजूद, कानपुर के हैलट हॉस्पिटल में मरीजों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने शुक्रवार को अस्पताल का दौरा किया और देखा कि कई ओपीडी में सीनियर डॉक्टर समय पर उपस्थित नहीं थे।
मेडिसिन विभाग की स्थिति:
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डॉ. सौरभ अग्रवाल और डॉ. एसके गौतम मरीजों को देख रहे थे।
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कई रूम खाली मिले, डॉ. आदित्य कुमार की ओपीडी में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, केवल लेडीज रजिस्टर में पर्चे चढ़ाए जा रहे थे।
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प्रो. आरके वर्मा की कुर्सी 11 बजे तक खाली रही, सामने जूनियर डॉक्टर मौजूद थे।
सर्जरी विभाग की हालत:
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SIC डॉ. आरके सिंह अपनी ओपीडी में थे, लेकिन उनके बगल के रूम में डॉ. मनोज सोनकर और डॉ. जीडी यादव अनुपस्थित थे।
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जूनियर डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे।
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बच्चों की सर्जन डॉ. श्रद्धा वर्मा छुट्टी पर थीं, ओपीडी में एक जूनियर डॉक्टर ही मरीजों को देख रही थी।
दंत रोग विभाग:
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डॉ. शिशिरधर समय पर नहीं पहुंचे, उनकी जूनियर डॉक्टर मरीजों को देख रही थीं। थोड़ी देर बाद डॉ. शिशिरधर अपनी ओपीडी में आए।
समय पर मौजूद डॉक्टर:
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डॉ. सौरभ अग्रवाल, डॉ. एसके गौतम, डॉ. नम्रता पटेल, डॉ. डीपी शिवहरे, डॉ. यशवंत राय, डॉ. चेतन और डॉ. हर्ष वर्धन अपनी ओपीडी में समय पर मौजूद रहे।
स्पष्टीकरण:
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कानपुर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय काला ने बताया कि कई डॉक्टर NELS CPR ट्रेनिंग में व्यस्त थे, जो 13 से 17 अक्टूबर तक चल रहा है। उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय पर ओपीडी में पहुंचें ताकि मरीजों को परेशानी न हो।








