अंबेडकरनगर। धान खरीद सत्र शुरू हुए लगभग एक माह होने को है, लेकिन अब तक पूरे जिले में एक भी राइस मिल कुटाई के लिए संबद्ध नहीं हो सकी। राइस मिलों के न जुड़ने से धान की उठान और कुटाई प्रक्रिया ठप पड़ी है, जिसका सीधा असर क्रय केंद्रों पर दिखाई दे रहा है। कई केंद्रों पर बोरे की भारी किल्लत है, जबकि कुछ स्थानों पर खरीद सुस्त गति से चल रही है।
बोरे की कमी से कई केंद्रों पर खरीद पर ब्रेक
क्रय केंद्रों पर बोरे की कमी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई केंद्रों पर बोरे खत्म होने के चलते किसानों को धान बेचने में दिक्कत हो रही है। वहीं, जहां बोरे उपलब्ध हैं, वहां खरीद कुछ रफ्तार पकड़ती नजर आ रही है।
पीसीएफ के केंद्रों को आनलाइन माध्यम से सीमित मात्रा में ही बोरे उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे खरीद का दबाव बढ़ रहा है। बोरे की इस कमी के चलते भीड़भाड़ वाले दिनों में कई किसानों को वापस लौटना पड़ रहा है।
अब तक हुई इतनी खरीद, लक्ष्य की तुलना में बेहद कम
23 नवंबर तक जिले के विभिन्न क्रय केंद्रों से 1,756 किसानों से कुल 7019.36 मीट्रिक टन धान की खरीद दर्ज की गई है। यह निर्धारित लक्ष्य का मात्र 4.53 प्रतिशत है, जो कि धान खरीद की धीमी प्रगति को स्पष्ट दर्शाता है।
धान खरीद में अपेक्षित तेजी न आने से किसानों में भी असंतोष बढ़ रहा है। किसान चाहते हैं कि केंद्रों पर सुविधाएं बढ़ें और बोरे की आपूर्ति नियमित हो, ताकि वह समय पर अपनी उपज बेच सकें।








