पाकिस्तान : पाकिस्तान ने एक बार फिर कूटनीतिक और आर्थिक दबाव के बीच बड़ा फैसला लेते हुए China को गधे के मांस के निर्यात को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय उस समय लिया गया जब ग्वादर में काम कर रही एक प्रमुख चीनी कंपनी ने अपने ऑपरेशन बंद करने की चेतावनी दी थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के कार्यालय को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद यह फैसला तेजी से लागू किया गया।
ग्वादर में निवेश और दबाव की कहानी
Gwadar चीन समर्थित निवेश परियोजनाओं का प्रमुख केंद्र है। यहां सक्रिय चीनी कंपनी को सरकारी मंजूरियों में देरी का सामना करना पड़ रहा था, जिससे वह नाराज थी। इस देरी ने पाकिस्तान की नौकरशाही और विदेशी निवेश के माहौल पर भी सवाल खड़े किए हैं।
चीन में क्यों है इतनी मांग
चीन में गधे के मांस और चमड़े का उपयोग पारंपरिक औषधियों में किया जाता है, जिसकी मांग काफी अधिक है। इसी वजह से चीन दुनिया भर से बड़े पैमाने पर इसका आयात करता है।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए अहम
आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान हर साल बड़ी संख्या में गधों का निर्यात करता है, जिससे उसे भारी राजस्व प्राप्त होता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस व्यापार से पाकिस्तान को सालाना करोड़ों डॉलर की कमाई होती है, जो उसकी कमजोर अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम सहारा है यह फैसला दिखाता है कि आर्थिक मजबूरियां किस तरह देशों की नीतियों को प्रभावित करती हैं।









