- एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर फर्जी दावे
- कहा गया- भारत की महिला राफेल पायलट शिवांगी सिंह को पकड़ा
- PIB और परिवार ने दावे को बताया पूरी तरह झूठा
वाराणसी। भारत की ओर से पाकिस्तान और पीओके स्थित आतंकी ठिकानों पर की गई एयरस्ट्राइक के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी अफवाह ने तूल पकड़ लिया। पाकिस्तानी यूजर्स ने दावा किया कि भारत की पहली महिला राफेल पायलट शिवांगी सिंह एयरस्ट्राइक के दौरान पाकिस्तानी सीमा में फंस गईं और उन्हें पकड़ लिया गया। हालांकि कुछ घंटों के भीतर ही भारत सरकार की एजेंसी PIB ने इस दावे को फर्जी बताया और स्थिति स्पष्ट की।
इस झूठे प्रचार को और हवा देने के लिए पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर्स ने कुछ फेक तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए, जिनमें शिवांगी को जेट से कूदते हुए या हिरासत में दिखाने की कोशिश की गई।
पिता ने बताया – बेटी पूरी तरह सुरक्षित, देश सेवा में जुटी है
वाराणसी में रहने वाले शिवांगी सिंह के पिता कुमारेश्वर सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि जब सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैली, तब परिवार चिंतित जरूर हुआ लेकिन बाद में सच सामने आने पर राहत मिली। उन्होंने कहा, “हमारी बेटी सुरक्षित है और देश सेवा कर रही है। उसका नाम सिर्फ इसलिए घसीटा गया क्योंकि वह पहली महिला राफेल पायलट है।”
BHU से NCC कर बनीं फाइटर पायलट
शिवांगी सिंह भारतीय वायुसेना में 2017 में कमीशन प्राप्त कर शामिल हुई थीं। उन्होंने बीएचयू से एनसीसी की ट्रेनिंग ली और वायुसेना की 17 स्क्वॉड्रन ‘गोल्डन एरो’ में शामिल होकर राफेल उड़ाने का गौरव प्राप्त किया। इससे पहले उन्होंने MiG-21 Bison उड़ाया और विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान के साथ काम किया।
परिवार में पढ़ाई-लिखाई का माहौल, पिता का ट्रांसपोर्ट बिजनेस
शिवांगी की मां सीमा सिंह गृहिणी हैं और भाई मयंक सिंह एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। पिता का ट्रांसपोर्ट का कारोबार है। शिवांगी ने वाराणसी के सनबीम स्कूल भगवानपुर से BSc की पढ़ाई की और बाद में BHU से NCC की ट्रेनिंग लेकर वायुसेना में प्रवेश किया।
पाकिस्तान ने फैलाई फर्जी खबरें, सरकार ने किया खंडन
एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने यह झूठा दावा किया कि उसने भारत के पांच लड़ाकू विमान गिरा दिए और एक महिला पायलट को पकड़ लिया। कई पाकिस्तानी अकाउंट्स ने फर्जी तस्वीरों और वीडियो का सहारा लेकर शिवांगी को इस घटनाक्रम से जोड़ने की कोशिश की, लेकिन PIB फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से अफवाह है।
1971 के बाद पहली बार तीनों सेनाएं एक साथ
बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन 1971 के बाद पहला ऐसा मौका था, जब भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर कार्रवाई की। इसमें कांधार प्लेन हाईजैक, मुंबई हमले और पठानकोट हमले के आरोपियों सहित 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया।







