- पेटीएम का घाटा: तिमाही में 161% बढ़ोतरी, क्या हैं इसके कारण?
- पेटीएम के रेवेन्यू में गिरावट: क्या कंपनी की रणनीतियों में बदलाव जरूरी है?
- जनवरी-मार्च 2024 तिमाही में घाटा घटा, लेकिन क्यों बढ़ा नुकसान?
नई दिल्ली। ऑनलाइन पेमेंट और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं देने वाली कंपनी पेटीएम (Paytm) की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में ₹545 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है। कंपनी ने मंगलवार, 6 मई को अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी।
हालांकि, पिछली साल की इसी तिमाही से तुलना करें तो कंपनी का घाटा थोड़ा कम हुआ है। जनवरी-मार्च 2024 तिमाही में पेटीएम को ₹551 करोड़ का घाटा हुआ था।
तिमाही आधार पर घाटे में जबरदस्त उछाल
अक्टूबर-दिसंबर 2023 की तिमाही में पेटीएम का घाटा ₹209 करोड़ था, जबकि जनवरी-मार्च तिमाही में यह बढ़कर ₹545 करोड़ हो गया। इस तरह तिमाही आधार पर कंपनी के घाटे में 161% की बढ़त देखी गई है। हालांकि, वित्त वर्ष 2024 की तुलना में वित्त वर्ष 2025 में कंपनी के घाटे में 53% की कमी आई है।
रेवेन्यू में 16% की गिरावट
चौथी तिमाही में कंपनी ने संचालन से ₹1,912 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया, जो सालाना आधार पर 16% की गिरावट को दर्शाता है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹2,267 करोड़ था। रेवेन्यू वह आय होती है जो कंपनी को वस्तुएं या सेवाएं बेचने से प्राप्त होती है।
पेटीएम का शेयर 6 मई को 5.72% टूटा
पेटीएम के शेयरों में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। शेयर 5.72% टूटकर ₹816.50 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले एक महीने में कंपनी के शेयर में 4.45% की बढ़त दर्ज की गई है।
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पिछले 5 दिन: 5.48% की गिरावट
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साल की शुरुआत से अब तक: 17.32% की गिरावट
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पिछले 6 महीने: 2.36% की बढ़त
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एक साल में: 132.36% का रिटर्न
कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन इस समय ₹52,010 करोड़ है।








