छांगुर बाबा केस में कोर्ट में मांगी रिमांड बढ़ाने की अनुमति

  • एटीएस ने छांगुर बाबा की रिमांड बढ़ाने की कोर्ट से की मांग
  • हवाला और विदेशी फंडिंग की जांच में जुटी ईडी
  • अंतरराज्यीय नेटवर्क और संदिग्ध खातों का खुलासा

लखनऊ। यूपी एटीएस ने धर्मांतरण और हवाला नेटवर्क से जुड़े छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन और उसकी साथी नसरीन को बुधवार को एनआईए कोर्ट में पेश किया। इससे पहले दोनों का मेडिकल परीक्षण सरोजिनी नगर के सीएचसी में कराया गया। कोर्ट ले जाते वक्त छांगुर बाबा मीडिया से बोला—”मैं बेकसूर हूं।”

सात दिन की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

एटीएस की रिमांड पर बीते सात दिनों में छांगुर बाबा के नेटवर्क को लेकर कई सनसनीखेज जानकारियां सामने आई हैं। पूछताछ में यह स्पष्ट हो गया है कि उसका नेटवर्क सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि कई राज्यों तक फैला हुआ है। जांच में कई बैंक खातों और करोड़ों के संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली है।

सूत्रों के अनुसार, एटीएस ने कोर्ट में रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए अर्जी दाखिल की है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और विदेशी फंडिंग के स्त्रोतों की भी जांच की जा सके।

हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग का जाल, अब ईडी करेगी गहरी जांच

जैसे ही छांगुर बाबा को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उसकी भूमिका हवाला, मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी फंडिंग में खंगालना शुरू कर देगा। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, छांगुर और उसके सहयोगियों के विदेशी बैंक खातों में लाखों रुपये की संदिग्ध फंडिंग की गई है।

ईडी यह जांच करेगी कि—

  • विदेशी फंडिंग किन देशों और स्त्रोतों से आई?

  • इन पैसों का इस्तेमाल किन गतिविधियों—जैसे धर्मांतरण, प्रचार, मानव तस्करी—में हुआ?

  • पैसा किन बैंक खातों में भेजा गया और कहां खर्च हुआ?

कई बड़े नाम आ सकते हैं गिरफ्त में

एटीएस पहले ही छांगुर बाबा के सहयोगियों की एक लंबी सूची तैयार कर चुकी है। अब अगला कदम इन लोगों की गिरफ्तारी हो सकता है, जो इस पूरे नेटवर्क में मुख्य भूमिका निभा रहे थे। माना जा रहा है कि छांगुर की रिमांड बढ़ने और ईडी की पूछताछ के बाद कई एनजीओ, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और अन्य हाई-प्रोफाइल नाम सामने आ सकते हैं।

कोर्ट में अगली सुनवाई अहम

एनआईए कोर्ट में दाखिल की गई नई अर्जी और रिमांड बढ़ाने की मांग पर जल्द ही सुनवाई होगी। अगर कोर्ट से अनुमति मिलती है, तो जांच एजेंसियां और गहराई से पूछताछ कर सकेंगी। इस केस की जांच अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गई है।

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